प्रतिनिधि,मेदिनीनगर ( पलामू)। झारखण्ड क्रांति मंच के संस्थापक केन्द्रीय अध्यक्ष सह अखिल भारतीय अनुसूचित जाति महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने मंगलवार को मेदिनीनगर में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा है कि अनुसूचित जाति की अत्यंत गरीब महिला सड़मा निवासी फेकनी देवी पति रामप्रवेश राम द्वारा हाड़तोड़ परिश्रम से अर्जित रूपये द्वारा 2016 में प्रमोद कुमार अग्रवाल से खरीदी गई वैध जमीन,जिसका खाता नं०1,प्लाॅट नं० 755,रकबा 37.5 डी० एवं दूसरे जमीन खाता नं 1,प्लाॅट नं० 761 रकबा 37.5डी० का भूमि सुधार उप समाहर्ता छतरपुर व उपायुक्त पलामू के आदेश के बाद भी छतरपुर अंचलाधिकारी द्वारा आज तक नामांतरण नहीं करना पलामू में अधिकारियों की निकृष्ट व भ्रष्टतम कार्यशैली का नायाब नमूना है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
प्रेस को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा है कि खरीदगी के प्रारंभ से ही फेकनी देवी के दखल-कब्जा की जमीन को गुलाबचंद प्रसाद अग्रवाल काॅलेज प्रबन्धन ने ट्रस्ट की जमीन बतलाकर छतरपुर थाना व अंचल के अधिकारियों,कर्मचारियों की मिलीभगत से हड़पने का प्रयास जारी रखा है।यही कारण है कि नामांतरण की सारी वैध अर्हता को पूरा करने के बावजूद भी 7 सालों से फेकनी देवी का परिवार नामांतरण की प्रक्रिया के लिए दर-दर की ठोकर खा रहा है, लेकिन अबूआ राज के अधिकारियों,कर्मचारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रहा है।
उपायुक्त पलामू के जनता दरबार कार्यक्रम को ऐसे दलितों के लिए महज आईवाश बतलाते हुए केन्द्रीय अध्यक्ष ने कहा कि दबंग व रसूखदार तत्वों के सामने जिला प्रशासन भी बौना नजर आने लगता है,जिसकी वजह से भू माफिया व अपराधिक तत्व एससी-एसटी की जमीनों पर कब्जा कर अरबों का खेल जारी रखें हुए हैं।
वार्ता के अंत में उन्होंने बताया है कि आन्दोलन के प्रथम चरण में 13 जून को छतरपुर बाजार में प्रतिवाद नुक्कड़ सभा के माध्यम से छतरपुर अंचलाधिकारी को चेतावनी दिया जाएगा,तब भी हरकत में नहीं आने पर 17 जून को एकदिवसीय धरना दिया जाएगा।इसके बाद भी नामांतरण की अगर कार्रवाई नहीं होती है तो 27 जून से फेकनी देवी व उसके पति रामप्रवेश राम आमरण अनशन पर जाने को बाध्य होंगे।





