उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पीजीआई अस्पताल में लोग बड़ी उम्मीदों से अस्पताल में इलाज कराने आते हैं, लेकिन पीजीआई में काम करने वाले कर्मचारी को उसी के अस्पताल में इलाज न होने का मामला सामने आया है। अस्पताल के कर्मचारी को इलाज के लिए 15 किमी दूर भेजा गया।जहां इलाज में काफी देर होने के कारण उसकी मौत हो गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मिथिलेश कुमार पीजीआई में गार्ड के पद पर तैनात थे।उनकी ड्यूटी पीजीआई के डायरेक्टर सहित अन्य डॉक्टरों के आवास पर लगती थी।मिथिलेश की ड्यूटी रात 11 से सुबह 7 बजे तक के होती थी।घटना 2 जनवरी सुबह भोर की है।सुबह लगभग 5 बजे मिथिलेश के सीने में दर्द हुआ, इसपर उनके दूसरे गार्ड साथी उन्हें लेकर पीजीआई के इमरजेंसी विभाग में पहुंचे,लेकिन मिथिलेश को वहां एडमिट नहीं किया गया।

होमगार्ड इंचार्ज सचिन मिश्रा के अनुसार इमरजेंसी विभाग में तैनात डॉक्टर ने मिथिलेश को इसलिए एडमिट नहीं किया क्योंकि मिथिलेश के पास कोविड की RT-PCR रिपोर्ट नहीं थी।इसके बाद मिथिलेश को इलाज के लिए लोकबंधु अस्पताल भेजा दिया गया जो लगभग 15 किलोमीटर दूर है

रायबरेली जिले के रहने वाले होमगार्ड मिथलेश परिवार के साथ पारा में रहते थे।