लखनऊ।उत्तर प्रदेश की सियासत में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद भी उथल-पुथल दिखाई दे रही है।विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाला सत्ताधारी गठबंधन दूसरी बार सरकार बनाने की तैयारी कर रहा है तो वहीं दूसरी तरफ विपक्ष के सामने अपना कुनबा बचाने की चुनौती भी दिखाई पड़ रही है।सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल होने को लेकर आई खबरों ने यूपी के सियासी पारे को चढ़ा दिया है।

समाजवादी पार्टी से गठबंधन कर उत्तर प्रदेश 2022 का विधानसभा चुनाव लड़े सुभासपा मुखिया ओपी राजभर क्या भाजपा गठबंधन में शामिल होने वाले हैं।ये सवाल शुक्रवार से सुर्खियों में छाया हुआ है।इस सवाल ने यूपी की राजनीति का पारा भी बढ़ा दिया है।अब इस सवाल पर सुभासपा मुखिया ओपी राजभर ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से कोई मुलाकात नहीं हुई।
भाजपा गठबंधन के साथ जाने की चर्चाओं को निराधार बताया और कहा कि हम समाजवादी पार्टी के साथ हैं।

राजभर ने कहा कि हम स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं।एक-एक विधानसभा चुनाव परिणाम की समीक्षा की जा रही है। हम अब 2024 की तैयारी में हैं। मीडिया से बात करते हुए राजभर ने कहा कि उनकी शाह के साथ कोई मुलाकात नहीं हुई है।सोशल मीडिया पर एक अफवाह फैली है।ये केवल अफवाहें फैलाई जा रही हैं ऐसा कुछ नहीं है। हम लोग जहां हैं वहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमारी तो बहुत सी तस्‍वीरें अमित शाह के साथ हैं। पचासों फोटो मीडिया के पास होंगी। कहीं भी लगाकर वे लोग फिट कर देते हैं। राजभर के भाजपा के साथ जाने की खबरों से सपा खेमे में हलचल बढ़ गई थी।अब राजभर ने खुद सामने आकर भाजपा के साथ जाने की अटकलों पर विराम लगा दिया है।

राजभर ने कहा कि भाजपा ने पांच साल तक सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट लागू करने की मांग नहीं मानी।पहले वे ये रिपोर्ट लागू करें।उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा गठबंधन बनाने की तैयारी का जिक्र किया और कहा कि लीडर कोई भी होगा। हम सब एक साथ होंगे,सभी साथ बैठकर उस मोर्चे का नेता तय करेंगे और उसके नेतृत्व में ही 2024 का चुनाव लड़ा जाएगा।