करोड़ों रुपए मिड डे मील घोटाले के आरोपी ने खरीदी 53 गाडियां,EDने दायर किया आरोप पत्र
करोड़ रुपए मिड डे मील घोटाले के आरोपी ने खरीदी 53 गाड़ियां,ED ने दायर किया आरोप पत्र <Br/> <Br/>
sanjay kumar📍 रांची, झारखंड

रांची। मिड डे मील फंड के 101 करोड़ रुपए घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने आरोपी बिल्डर भानु कंस्ट्रक्शन के संजय कुमार तिवारी और उसके पार्टनर सुरेश कुमार के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। संजय तिवारी को एक दिसंबर 2021 को इडी ने गिरफ्तार किया था और तब से वे जेल में हैं।
अभियुक्तों पर बैंक अधिकारियों के साथ साजिश रच कर मिड डे मील का 101.01 करोड़ रुपए अपनी कंपनी के खाते में ट्रांसफर कराने और मनी लाउंड्रिंग के सहारे संपत्ति खरीदने और कर्ज चुकाने में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है।
आरोप पत्र में कहा गया है कि अभियुक्तों ने मिड डे मील का पैसा अपनी कंपनी के खाते में ट्रांसफर कराने के बाद उससे 53 गाड़ियां खरीदी।छापेमारी के दौरान हुंडई वरना, महेंद्रा टीयूवी-300, टोयोटा क्रिस्टा और मारुति सियाज जब्त की गयी।अभियुक्तों ने मिड डे मील के पैसों से कंपनी द्वारा लिए गये कर्ज को भी चुकाना शुरू कर दिया था और साथ ही 56 बैंक खातों के माध्यम से मनी लाउंड्रिंग को अंजाम दिया गया।इन सभी बैंक खातों के संचालन पर रोक लगा दी गयी है। खाते में पड़ी 3.31 करोड़ रुपए की राशि जब्त कर ली गयी है।
जांच में पाया गया कि राज्य सरकार ने मिड डे मील का 120.31 करोड़ रुपये एसबीआई के हटिया शाखा स्थित मध्याह्न भोजन प्राधिकार के खाते में जमा किया।सरकार ने बैंक को यह निर्देश दिया कि इस राशि को विभिन्न जिलों के मध्याह्न भोजन के खाते में जमा करा दे। सरकार के इस निर्देश के आलोक में 120.31 करोड़ में से 101.01 करोड़ रुपये दूसरे बैंकों के खाते में और शेष राशि स्टेट बैंक स्थित खाते में ट्रांसफर करना था।
बैंक ने पांच अगस्त 2017 को इसमें से 20.29 करोड़ रुपए एसबीआई स्थित मध्याह्न भोजन के दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया, हालांकि 101.01 करोड़ रुपये की बल्क पोस्टिंग तकनीकी कारणों से संबंधित बैंकों में जमा होने के बदले स्टेट बैंक के हटिया स्थित शाखा के सस्पेंस अकाउंट में जमा हो गया।इसके बाद बैंक अधिकारियों ने मिल कर 101.01 करोड़ रुपये भानु कंस्ट्रक्शन के खाते में ट्रांसफर कर दिए।इस मामले में बैंक के तत्कालीन डिप्टी मैनेजर अजय उरांव को भी अभियुक्त बनाया गया है।इस घोटाले को लेकर सीबीआई रांची ने भी प्राथमिकी दर्ज की है। सीबीआई जांच के दौरान पाया गया कि 76.29 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है।
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