रांची।दोस्ती और इंसानियत को कलंकित करने वाला मामला सामने आया है।गिरीडीह जेल अधीक्षक राजमोहन राजन ने राजधानी रांची के मिलन चौक के पास फ्लैट में रहने वाली 13 वर्षीय बच्ची के साथ छेड़खानी की थी।आरोपी जेल अधीक्षक बच्ची के पिता का करीबी दोस्त है।जेल अधीक्षक राजमोहन राजन को रांची की तुपुदाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार राजमोहन गिरिडीह जिला कारागार अधिक्षक के पद पर हैं।पुलिस ने शनिवार को आरोपी की कोरोना जांच भी करायी है। माना जा रहा है कि आज रविवार को आरोपी को पुलिस जेल भेजेगी।

दबाव के बाद भी बच्ची अपने बयान से नहीं पलटी

बच्ची का महिला पुलिस अधिकारी ने बयान दर्ज किया है। बच्ची दबाव के बाद भी अपने बयान से नहीं पलटी। बच्ची ने पुलिस को बयान दिया कि आरोपी जेल अधीक्षक राजमोहन उसके साथ छेड़खानी किया था। बच्ची ने पुलिस को बताया कि उनके पिता विनय शुक्रवार को ड्यूटी पर थे और उस समय वह घर पर अकेली थी। उसी समय पिता के दोस्त राजमोहन उनके फ्लैट में आए। अकेला देखकर उसने उसके साथ अश्लील हरकत की। आरोपी के जाने के बाद वह सीधे पड़ोसी के घर गई और मामले की जानकारी दी।

बच्ची ने माता-पिता के घर पहुंचने के बाद उन्हें सारी बतायी।इसके बाद बच्ची के साथ माता-पिता सीधे तुपुदाना ओपी पहुंचे और आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया। तुपुदाना पुलिस ने राजमोहन को शुक्रवार को ही हिरासत में लिया।

आरोपी राजमोहन बच्ची के साथ अश्लील हरकत करने लगा। बच्ची डर कर रोने लगी। उसे आरोपी ने चुप कराया। चॉकलेट खाने के लिए उसे पांच सौ रुपए दिया। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया।

गिरिडीह जिला कारागार अधीक्षक राजमोहन राजन और बच्ची के पिता विनय दोनों लोको पायलट होने के कारण अच्छे दोस्त थे। बाद में राजमोहन राजन रेलवे की नौकरी छोड़ कर गिरिडीह में कारागार अधीक्षक बन गया। दोनों का एक दूसरे के घर पर आना जाना था। वर्तमान में दोनों तुपुदाना के मिलन चौक स्थित एक अपार्टमेंट में पड़ोसी हैं।

पीड़िता के पिता के अनुसार शुक्रवार 4 मार्च को वह पहली पारी 6 बजे से ड्यूटी करने चले गए। पत्नी बिहार के नवादा में शिक्षिका है। वह नवादा में थी। घर में सिर्फ 10 वर्ष का बेटा और13 वर्ष की बेटी थी। मुझे मेरे पड़ोसी ने सूचना दी कि आपके परिचित राज मोहन राजन ने आपकी बेटी के साथ कुछ गलत हरकत की है। बेटी रो रही है। उसके बाद में भागकर क्वार्टर पहुंचा तो बेटी जोर जोर से रोने लगी। उसने बताया कि राजमोहन अंकल ने मेरे साथ गलत हरकत की है। जब उसने विरोध किया तब, 500 रुपये चॉकलेट खाने के लिए देकर और यह बात किसी को बताने को नहीं कह जेल अधीक्षक वहां से भाग गया।