धनबाद।सीबीआई ने जज उत्तम आनंद की मौत के मामले में नया ऐंगल जोड़ा है।आशंका जाहिर की है कि मोबाइल लूट के प्रयास में जज की हत्या की गयी है।शुक्रवार को सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से यह जानकारी कोर्ट को दी गयी।

इस कड़ी पर नाराजगी जताते हुए चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने कहा कि सीबीआई की जांच में कुछ भी नया नहीं है और हर बार एक नयी दलील देकर जांच को खींचा जा रहा है। सीबीआई मोबाइल लूट की आशंका जता रही है,जबकि सीसीटीवी फुटेज में लूट की घटना दिखाई नहीं दी है। सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट है कि जज को जानबूझकर मारा गया है।

सीबीआई की ओर से कहा गया कि जांच अभी जारी है और हरसंभव कोशिश कर रही है। ब्रेन मैपिंग और नारको टेस्ट में भी उन्हें कुछ नहीं मिला। कुछ और जांच कराए गए हैं, जिसकी रिपोर्ट 10 जनवरी तक आएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई नयी रिपोर्ट पेश करेगी। इस पर कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सीबीआई द्वारा किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाने से यह कांड रहस्य की ओर बढ़ता हुआ ही नजर आ रहा है,क्योंकि जितना समय अभियुक्तों को मिल रहा है उससे सबूतों को जुटाने में उतनी ही दिक्कत होगी।

इस पर सीबीआई की ओर से अदालत को बताया गया कि अब तक इस मामले में 200 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई है और जल्द ही नए तथ्य सामने आएंगे। इस पर कोर्ट ने कहा कि अदालत को सीबीआई पर संदेह नहीं है। अदालत ने कहा कि दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 302 के तहत चार्जशीट दाखिल कर दी गयी है, लेकिन बिना मोटिव के इंटेंशन को कैसे साबित किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 14 जनवरी को होगी।