शामली।पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली जिले के थाना भवन की कादरगढ़ चौकी पर मंगलवार को पुलिस ने चेकिंग दौरान बदमाश अनिल उर्फ पिंटू गांव हडोली निवासी को एके-47 के साथ गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता पाई है।इस दौरान अनिल के दो साथी भागने कामयाब रहे।अनिल उर्फ पिंटू शामली जिले के थाना क्षेत्र भोरा कला के गांव हडोली शहाबुद्दीनपुर का रहने‌ वाला है और संजीव गैंग का सदस्य हैं।

मिली जानकारी के अनुसार तीनों कार सवार बदमाश मुजफ्फरनगर से कादरगढ़ होकर हरियाणा जा रहे थे।मुखबिर खास से सूचना मिलने पर थाना प्रभारी प्रेमवीर सिंह राणा, कदरगढ़ चौकी प्रभारी उपेंद्र सिंह, जलालाबाद पुलिस चौकी प्रभारी, विजय त्यागी ने पुलिस फोर्स के साथ कादरगढ़ चौकी पर चेकिंग शुरू की।चेकिंग के दौरान घेराबंदी कर अनिल को गिरफ्तार किया गया।अनिल के दो साथी भाग निकले।पुलिस ने एके-47 राइफल,1300 मैगजीन बरामद की है।

बताया जाता है कि जेल में बंद बदमाश अनिल बंजी‌ गांव सिसौली निवासी एके-47 की खरीद कराने में शामिल रहा है। मेरठ में राजवीर सिंह डीन पर हमला करने में भी इन बदमाशों का हाथ रहा है।थाना भवन पर एसपी सुकीर्ति माधव व अन्य पुलिस जांच एजेंसी पहुंच कर गिरफ्तार बदमाश से जानकारी जुटा रही है।

एसपी सुकीर्ति माधव ने इस मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। पकड़ा गया आरोपित संजीव गैंग का सदस्य हैं।पहले विक्की त्यागी हत्याकांड में भी जेल गया था। संजीव जीवा गैंग से पहले आरोपित धर्मेंद्र किरठल गैंग का सदस्य था,लेकिन बागपत के धर्मेंद्र के करीबी नीरज बामडोली की हत्या के मामले में उनपर शक हुआ था। धर्मेंद्र किरठल ने पकड़े गए आरोपित अनिल उर्फ पिंटू और जेल में बंद आरोपित अनिल बंजी पर शक किया था।बाद में ये दोनों संजीव जीवा की गैंग में शामिल हो गए थे। मेरठ में डीन पर हुए हमले में भी पकड़ी गई एके-47 का इस्तेमाल होना था,लेकिन अंतिम समय पर अन्य हथियार से गोली चलाई गई।आरोपित इन हथियारों को अपने दो साथियों के साथ एके-47 और बरामद कारतूसों को यूपी से बाहर किसी सुरक्षित ठिकाने पर लेकर जा रहे थे।


पुलिस सूत्रों से पता चला है कि मेरठ जेल में बंद अनिल बंजी ने अनिल पिंटू को एके-47 उपलब्‍ध कराई। अनिल बंजी मेरठ में प्रोफेसर की हत्या में शामिल रहा है। पिंटू से एके-47 और 1300 कारतूस भी मिले हैं।दो बदमाश भाग निकले। ये सभी क्रेटा कार से मुजफ्फरनगर के कादरगढ़ होते हुए हरियाणा जा रहे थे।