रांची।झारखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की रणभेरी का बिगुल बज गया है।पंचायत चुनाव मई में चार चरणों में कराए जाएंगे।राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बारे में शनिवार को अधिसूचना जारी कर दी है।अधिसूचना जारी होने के साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो गयी है।पंचायत चुनाव 14, 19,24 और 27 मई को चार चरणों में मतदान होगा।मतदान के बाद ही उस क्षेत्र की मतगणना भी होती जाएगी।

पंचायत चुनाव के लिए 16 अप्रैल से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।पहले चरण की मतगणना 17 मई, दूसरे की 22 मई और तीसरे व चौथे चरण की मतगणना 31 मई को होगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने शनिवार को राज्यपाल रमेश बैस की अनुमति मिलने के बाद त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी की। पंचायती राज विभाग की ओर से शुक्रवार को ही पंचायत चुनाव के कार्यक्रम को अनुमोदन के लिए राज्यपाल के पास भेजा गया था।

पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही राज्य निर्वाचन आयुक्त डा. डी के तिवारी ने चुनाव से संबंधित कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।शनिवार को चुनाव आयोग के कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में डा. तिवारी ने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में 264 प्रखंडों, 4345 ग्राम पंचायत के 53,379 प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र हैं। इसमें 4345 मुखिया, 5341 पंचायत समिति के निर्वाचन क्षेत्र और 536 जिला परिषद के निर्वाचन क्षेत्र हैं। पंचायत चुनाव में राज्य के 1,96,16,504 मतदाता मतदान करेंगे। इस चुनाव में 1,00,70,721 पुरूष मतदाता, 95,45,702 महिला मतदाता और 81 अन्य मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। पंचायत चुनाव के लिए 53,580 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 12,821 सामान्य बूथ, 22,961 संवेदनशील बूथ, 17,698 अतिसंवेदनशील बूथ और 38 चलंत बूथ रहेंगे। 33,627 भवनों में मतदान केंद्र बनाया जा रहा है।

उम्मीदवारों को देना होगा शपथ पत्र

पंचायत चुनाव में नामांकन करने वाले उम्मीदवारों को शपथ पत्र या स्वघोषणा पत्र देना होगा।शपथ पत्र व स्वघोषणा पत्र में अभ्यर्थी सभी कॉलम को भरेंगे। अगर इसमें वे कोई कॉलम खाली छोड़ेंगे तो निर्वाची पदाधिकारी संबंधित उम्मीदवार को नोटिस जारी करेंगे। नोटिस के बाद भी अगर उम्मीदवार पूर्ण शपथ पत्र दाखिल करने में विफल होते हैं तो उनके उम्मीदवारी अस्वीकृत कर दी जाएगी।

विधि व्यवस्था रहेगी चाक-चौबंद

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में विधि व्यवस्था की चाक-चौबंद व्यवस्था रहेगी। मतदान केंद्रों, मतदान कर्मियों, मतदान सामग्रियों और निर्वाचन प्रक्रिया की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। मतदाताओं विशेषकर अतिसंवेदनशील मतदाताओं, कमजोर वर्ग के मन में भरोसा कायम करने के लिए मतदान से पहले क्षेत्र में सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती की जाएगी। सुरक्षा बलों को स्ट्रांग रूमों और मतगणना केंद्रों की सुरक्षा में भी लगाया जाएगा।