रांची।झारखंड में जबरदस्त सियासी घमासान मचा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) द्वारा समन के बाद राज्य में सियासी पारा हाई हो गया है।भाजपा विधायक दल के नेता पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी हेमंत सरकार पर हमलावर हैं।प्रदेश कार्यालय में शुक्रवार को मीडिया से बातचीत करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि डेढ़ साल पहले ही इस सरकार को साहिबगंज में खनिज पदार्थों के अवैध खनन और लूट की ओर ध्यान दिलाया था। केवल एक जिला में एक हजार करोड़ रुपए का घोटाला हुआ। सरकार लोकतंत्र की मर्यादा से बाहर जा रही है।बाबूलाल ने दावा किया है कि जब तक हेमंत सरकार को उखाड़ नहीं देंगे,चैन से नहीं बैठेंगे।आदिवासी होने के कारण राज्य को लूटने की छूट सरकार को नहीं दी जा सकती है।





बाबूलाल ने कहा कि विपक्ष को डराने व धमकाने की कोशिश हो रही है।ऐसी धमकियों से भाजपा के कार्यकर्ता डरेंगे नहीं। हम सब उसका डट कर मुकाबला करेंगे।बाबूलाल ने कहा कि सरकार को जितना मुकदमा करना है कर ले।मुख्यमंत्री हमेशा आदिवासी होने का रोना रोते रहते हैं तो उनको बताना चाहिए कि क्या इससे उन्हें राज्य की संपति को लूटने का लाइसेंस मिल गया है।भाजपा चुप नहीं बैठेगी।





बाबूलाल ने कहा कि नरेन्द्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो उनसे भी एसआईटी ने 10 घंटे तक पूछताछ की थी। आडवाणी पर जब आरोप लगा था तो संसद से इस्तीफा दे दिया था।सरकार पर बिचौलिये हावी हैं। बाबूलाल ने कहा कि सीएम आवास की सुरक्षा में तैनात सिपाही का अत्याधुनिक हथियार बिचौलिये के घर से बरामद हो रहा है।प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव मौजूद रहे।





रघुवर ने हेमंत सोरेन की लालू से की तुलना





पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास के मुताबिक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राजद मुखिया लालू प्रसाद यादव जैसे हैं। रघुवर ने कहा कि ईडी के समन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री आवास के सामने जो कुछ कहा वो उनका डर, अहम और अहंकार को दर्शाता है। इसी तरह की हुंकार कभी लालू यादव बिहार में भरा करते थे। उनका क्या नतीजा हुआ, यह किसी से छिपा नहीं है।





ईडी के समक्ष पेश नहीं होना अहंकार का सबूत





रघुवर दास ने कहा कि जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोई गलत काम नहीं किया है तो उन्हें डर किस बात का है, क्यों डर रहे हैं।एक तरफ वो संवैधानिक संस्था ईडी को सार्वजनिक रूप से धमका रहे हैं, दूसरी तरफ वे उसी संस्था से तीन सप्ताह का समय भी मांग रहे हैं। रघुवर ने कहा कि जब भ्रष्टाचार में लिप्त ऐसे नेताओं पर कानून का शिकंजा कसता है, तब वो संवैधानिक संस्थाओं को धमकाने का काम करते हैं। हेमंत सोरेन भूल रहे हैं कि देश में लोकतंत्र है, राजतंत्र नहीं। कानून को काम करने देना चाहिए। बेहतर तो यही होता कि मुख्यमंत्री ईडी को धमकाने के बजाय उसके सामने जाकर अपना पक्ष रखते।