द कश्मीर फाइल्स देखकर कश्मीर के मंदिरों का उठा मुद्दा,दक्षिणा में पीएम मोदी से काशी के पंडितों ने मांगा ...
द कश्मीर फाइल्स देखकर कश्मीर के मंदिरों का उठा मुद्दा,दक्षिणा में पीएम मोदी से काशी के पंडितों ने मांगा... <Br/> <Br/>
sanjay kumar📍 अन्य, उत्तर प्रदेश

वाराणसी।विवेक अग्निहोत्री की सिनेमाघरों में हंगामा मचाने वाली फिल्म द कश्मीर फाइल्स फ़िल्म को लेकर लोगों के अंदर कश्मीर पंडितों के साथ हुए अत्याचार पर आक्रोश पनपता जा रहा है।अब धर्म नगरी काशी के पंडितों ने भी कश्मीर में नरसंहार के दौरान टूटे हुए मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखा है,ताकि फिर से उन मंदिरों को पुर्नस्थापित कर वहां पूजन शुरू किया जा सके।श्री काशी विद्वत कर्मकांड परिषद की तरफ से खत में यह मांग है कि वे प्रधानमंत्री की 2014 में काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा करवाने वाले पंडितों की दक्षिणा को मांगते हुए कश्मीर के मंदिरों की देखरेख और पूजा पाठ की जिम्मेदारी उन्हें देने की मांग की।
टूटे पड़े हैं 50 मंदिर
श्री काशी विद्वत कर्मकांड परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी ने बताया कि कश्मीर में तोड़े गए मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए उन्होंने पीएम मोदी को चिठी लिखी है ताकि फिर से मंदिरों की स्थिति ठीक कर वहां विधि- विधान से पूजन शुरू कराया जा सके। कश्मीर में पंडितों के नरसंहार के बाद से अब भी 50 ऐसे मन्दिर टूटे फूटे अवस्था में है जहां न पूजन हो रही है न ही जीर्णोद्धार हो रहा है।यही वजह है कि प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिखकर हमने यह मांग की है कि इन मंदिरों में पूजा-पाठ और इनके पुनर्स्थापना का कार्य काशी के विद्वानों की देखरेख में फिर से शुरू कराया जाए, ताकि हम अपने इश्वर को जागृत करके अपने धर्म की रक्षा के लिए आगे आ सकें।
मंदिरों का सही से हो रखरखाव
अशोक त्रिवेदी ने आगे बताया कि हमें मंदिर रखरखाव ठीक से नहीं होने की सूचना मिली है। कुछ जगहों पर ये स्थिति है कि मंदिर तो है मगर पुजारी नहीं हैं।कोई पूजा करने वाला नहीं है। यह भी सूचना मिली है कि पुजारी डर के मारे भी नहीं जा रहे हैं कि कही हम वहां गए तो आसपास के लोग कष्ट देंगे। ऐसी स्थिति में हम काशी के पंडितों का सहयोग पीएम देना चाहते हैं, जिससे कि हम लोग कश्मीर घाटी में जाकर वहां के मंदिरों की स्थिति का विवेचन कर सके।
पीएम मोदी से की अपील
अशोक त्रिवेदी ने कहा कि हम यही पीएम से चाहते हैं कि हमे किशन गंगा का जल भारत से मिल सके ताकि हम इससे बाबा विश्वनाथ का रुद्राभिषेक कर सके।लद्दाख में जो सिंधु नदी है वह नदी नहीं ब्रह्मपुत्र की तरह नद्य है। वहा पर सिंधु दर्शन उत्सव एक कार्यक्रम होता है। हम चाहते हैं कि वहां काशी के ब्राह्मणों को यज्ञ करने की अनुमति मिले। सिंधी समाज के लोगो की सिंधु नदी और सिंधु मन्दिर में बहुत आस्था है , हम चाहते हैं कि लद्दाख के इस धार्मिक स्थल पर काशी के सिंधी समाज के लोगो को शामिल होने का अवसर मिले।हम पीएम से गुजारिश करते हैं कि हमे उनकी पूजा कराने के दक्षिणा स्वरूप कश्मीर भेजे ताकि हम विधि विधान से वहां के मंदिरों की पूरे कर्मकांड के साथ पुजा कर सके।
संबंधित ख़बरें

हरियाणा: 582 विलेज नॉलेज सेंटर, राज्य अल्पसंख्यक आयोग विधेयक समेत नायब सरकार के कई ऐतिहासिक फैसले

बदरीनाथ से लौट रहा हेलीकॉप्टर जोशीमठ के पास क्रैश, पायलट समेत सभी 6 लोगों की मौत
● ब्रेकिंग

प्रयागराज में टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों का आंदोलन उग्र, कफन ओढ़कर किया चक्काजाम
● ब्रेकिंग

