रांची।झारखंड की राजधानी के रांची रेलवे स्टेशन से पांच किलो अफीम की तस्करी के आरोप में दोषी करार दिए गए पश्चिम बंगाल के इस्लामपुर गांव के रहने वाले समीउल इस्लाम और अजहर मुमिन को शनिवार को अपर न्यायायुक्त आरके मिश्रा की अदालत ने 20-20 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।साथ ही दोनों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।जुर्माने की राशि न देने पर दोनों को एक-एक साल की अतिरिक्त जेल की सजा काटनी पड़ेगी। अदालत ने दोनों को 23 मार्च को दोषी करार दिया था। सजा के बिन्दु पर सुनवाई के दौरान दोनों आरोपी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेश किया गया।

मामले के विशेष लोक अभियोजक बीएन शर्मा ने बताया की दोनों आरोपी 11 जून 2020 को पांच किलो अफीम के साथ रांची से नई दिल्ली जाने के लिए राजधानी एक्सप्रेस में अलग-अलग बोगियों में बैठे थे।सूचना के आधार पर रांची जीआरपी पुलिस ने राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन में छापेमारी की कार्रवाई की। इसी बीच दोनों के पास से रांची जीआरपी के तत्कालीन थाना प्रभारी रमेश सिंह ने पांच किलो अफीम बरामद की। मामले की सुनवाई के दौरान जीआरपी के थाना प्रभारी रमेश सिंह और डीएसपी समेत नौ की गवाही कराई गई थी।

मादक पदार्थ तस्करी में अधिकतम सजा

बीएन शर्मा ने बताया कि ये पहली बार है जब मादक पदार्थ तस्करी अधिनियम के मामले में किसी अभियुक्त को अधिकतम 20 साल की सजा सुनाई गई है। सजा के साथ-साथ कोर्ट ने इस मामले के दोनों आरोपियों को जुर्माना भी लगाया है।