गिरीडीह।झारखंड साल 2022 के पहले महीने जनवरी में ही दूसरी बार मॉब लिंचिंग की वारदात की वजह से शर्मसाह हुआ है।इस बार गिरिडीह में एक निर्दोष का खून बहा है।उन्मादियों ने एक युवक की हत्या कर दी जिसमें ग्राम प्रधान भी शामिल था।घटना गिरिडीह के तीसरी थाना क्षेत्र के सालडीहा गांव की है।पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

घटना सोहराई त्योहार 11 जनवरी के बताई जा रही है, जब नाच गाने के शोर में युवक को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया गया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान 35 वर्षीय जय मुर्मू के रूप में हुई है।

मृतक की पत्नी शीला मरांडी ने बताया कि कुछ दिनों से उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं थी। जिसकी वजह से ग्राम प्रधान संजू और मुर्मू ने उसके परिवार के बहिष्कार की घोषणा कर दी थी। गांव के अन्य परिवारों ने इसके लिए ग्राम प्रधान पर दबाव बनाया था। शीला मरांडी का पूरा परिवार गांव से कटा हुआ था,लेकिन दिमागी रूप से विक्षिप्त होने के कारण परिवार के सामाजिक बहिष्कार का विरोध भी कर रही थी। इस बात को लेकर पहले से तनाव की स्थिति चल रही थी।

इसी बीच गांव के कुछ लोग जय मुर्मू को घसीटते हुए ग्राम प्रधान के घर ले गए। वहां उसे बंधक बनाया गया और जमकर पिटाई की गई। 11 जनवरी को सोहराय की रात में गांव में नाच गान का प्रोग्राम चल रहा था। इसी दौरान जय मुर्मू को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया। शीला मरांडी इतनी दहशत में है कि वह आरोपियों का नाम भी नहीं बता रही है। जय मुर्मू को अधमरा करके उसे घर के सामने फेंक दिया गया और घर में ही इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

मौत के बाद ग्राम प्रधान और अन्य ग्रामीण शव को ठिकाने लगाने की फिराक में थे। इसकी जानकारी पूर्व विधायक राजकुमार यादव को लग गई और और विधायक ने मामले का खुलासा कर दिया। उन्होंने ही तीसरी थाना पुलिस को इसकी जानकारी दी। पूर्व विधायक ने कहा है कि यह मॉब लिंचिंग की शर्मनाक घटना है। झारखंड में मॉब लिंचिंग के कड़े कानून की कोई कदर नहीं हो रही है। इस मामले में सभी आरोपियों को अविलंब गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की मांग पर विधायक ने की है।

तीसरी थाना के इंस्पेक्टर परमेश्वर लियांगी ने कहा है कि सोहराय की रात में जय मुर्मू और उसके विरोधियों के बीच मारपीट हुई थी जिसमें उसे गंभीर चोट आई थी। इसी वजह से उसकी मौत हो गयी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है पुलिस इस मामले में जांच पड़ताल कर रही है।

इससे पहले बीचे 4 जनवरी को सिमडेगा में मॉब लिंचिंग की घटना हुई थी। सिमडेगा में संजु प्रधान नामक युवक को भीड़ ने बुरी तरह पीटा। पिटाई के बाद उन्मादियों ने उसे जिन्दा जला दिया था। दूसरी वारदात से झारखंड के लॉ एन्ड ऑर्डर पर सवाल उठने लगे हैं।

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