पत्नी करती थी बीमा,पति तीन करोड़ लेकर फरार,ग्राहक हुए बीमार
झारखंड:पत्नी करती थी बीमा, पति तीन करोड़ लेकर फरार, ग्राहक हुए बीमार <Br/> <Br/>
sanjay kumar📍 रांची, झारखंड
गढ़वा।बीमा धारकों का तीन करोड़ रुपए प्रीमियम का पैसा लेकर बीमा एजेंट का पति गायब हो गया है। ठगी के शिकार हुए कई ग्राहकों ने लिखित शिकायत एलआईसी शाखा प्रबंधक से की है।बीमा एजेंट सुधा वर्मा के कोड पर पति रविशंकर वर्मा बीमा धारकों से किस्त का पैसा लेता था।ग्राहकों को विश्वास में लेकर किस्त लेने के बाद भी उसने पैसा जमा नहीं कराया।ग्राहक जब भी उससे रसीद मांगते थे तो वो टाल देता था। ठगी का शिकार हुए लोगों में विभिन्न दुकानदार और उनके कर्मियों के अलावा कई दवा कारोबारी भी हैं। केसरी ड्रग्स के प्रोपराइटर विवेक कुमार केसरी से पांच लाख रुपए, अभिषेक मेडिकल एजेंसी से 4.85 लाख रुपए, अंबे फॉर्मा से 10.69 लाख ठगने का आरोप लगाया है। ग्राहक उसके नंबर पर संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, पर उसके बारे में कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रविशंकर वर्मा जिला मुख्यालय में किराये के मकान में रहता था। रविशंकर 19 दिसंबर को अपना मकान खाली कर दिया है।इसके बाद से ग्राहकों को जैसे जैसे उसके गायब होने की सूचना मिल रही है,वैसे वैसे उसके बारे में पूछताछ कर जानकारी हासिल कर रहे हैं। ठगी का शिकार हुए मो नसीर एक दुकान में आकर पूछता है भाई रविशंकर वर्मा के बारे में कुछ जानकारी है। पूछने पर बताते हैं कि वह करीब पांच लाख रुपए ठगी का शिकार बना है। रविशंकर ही उनसे एलआईसी का किस्त लेता था। उसके बदले में कभी भी रसीद नहीं दिया। करीब चार-पांच साल तक वह किस्त भरते रहे।बीमाधारकों के पैसे लेकर गायब रविशंकर वर्मा दवा कंपनियों के एमआर के अलावा विभिन्न दवाओं की मार्केटिंग भी करता था और सहारा के नाम पर भी पैसे जमा करता था।
इंदिरा गांधी मार्ग पर स्थित केसरी ड्रग्स के प्रोपराइटर विवेक कुमार केसरी ने बताया कि जब से पता चला है कि एजेंट गायब हो गया है तब से तबीयत ठीक नहीं है, न खा पा रहा हूं न ही नींद आ रही है।हमारा करीब पांच लाख रुपये लेकर रविशंकर फरार हो गया है।अभिषेक मेडिकल एजेंसी के वेंकटेश नारायण ने बताया कि उनका 4.85 लाख रुपये लेकर गायब हो गया है। मां अंबे फॉर्मा के प्रोपराइटर संतोष गुप्ता ने बताया कि उनका 10.69 लाख रुपये लेकर एजेंट गायब हो गया है।
अंजली गुप्ता बताती हैं कि उनका लगभग सात लाख रुपये लेकर गायब हो गया है।बेटे का भी एलआईसी की किस्त जमा कर रही थी। उसके अलावा वह सहारा इंडिया में भी किस्त जमा कर रही थी। उसके बारे में भी कोई पता नहीं है। संतोष कुमार बताते हैं कि वह दो लाख रुपए ठगी का शिकार बने हैं। उसके अलावा उनके दुकान में काम करने वाले 10 से अधिक कर्मचारी भी ठगी का शिकार बने हैं। दीपू कुमार गुप्ता बताते हैं कि वह 70 हजार ठगी का शिकार बने। सिट्टू भी 70 हजार रुपये ठगी का शिकार बने।
पीड़ितों ने आवेदन दिया है। जांच की जाएगी। जांच में अगर एजेंट दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। - पवन भेंगरा, ब्रांच मैनेजर एलआईसी
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