तेहरान / नई दिल्ली:

अमेरिका और इजरायल के साथ गहराते सैन्य तनाव के बीच ईरान के अधिकारियों ने अपनी नागरिक आबादी के लिए एक दुर्लभ और विस्तृत 'न्यूक्लियर सर्वाइवल एडवाइजरी' जारी की है। ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी (IRNA) द्वारा जारी 8 मिनट के एक शैक्षणिक वीडियो गाइडलाइन में नागरिकों को संभावित परमाणु हमले और उसके बाद फैलने वाले रेडियोधर्मी कणों से बचाव के कड़े निर्देश दिए गए हैं। इस्फहान प्रांत की आपातकालीन सेवाओं द्वारा तैयार किए गए इन दिशा-निर्देशों की चर्चा अब मिस्र और सऊदी अरब के मीडिया आउटलेट्स में भी प्रमुखता से हो रही है।

परमाणु विस्फोट के 4 मुख्य खतरे और बचाव के नियम

इस्फहान रेड क्रिसेंट सोसाइटी के उप-निदेशक इब्राहिम अदेलजादेह के अनुसार, परमाणु विस्फोट के चार प्राथमिक खतरे होते हैं— अत्यंत तीव्र रोशनी, घातक ब्लास्ट वेव, भीषण गर्मी और हवा में फैलने वाले रेडियोधर्मी कण।

ईरानी अधिकारियों ने नागरिकों से निम्नलिखित सावधानियाँ बरतने को कहा है:

  • सुरक्षित शेल्टर और 24 घंटे का नियम: विस्फोट होते ही किसी मजबूत इमारत के बेसमेंट या मध्य कमरे में चले जाएँ। खिड़कियाँ-दरवाज़े पूरी तरह बंद रखें और कम से कम 24 घंटे तक शेल्टर से बाहर न निकलें।
  • एसी और वेंटिलेशन तुरंत बंद करें: ऐसे सभी वेंटिलेशन सिस्टम या एयर कंडीशनर बंद रखें जो बाहर की हवा अंदर खींचते हैं, ताकि जहरीली रेडियोधर्मी धूल घर में न आए।
  • केवल सीलबंद भोजन-पानी: बाहर रखे या खुले खाद्य पदार्थों के बजाय सिर्फ बोतलबंद पानी और सीलबंद भोजन का इस्तेमाल करें।
  • गाड़ियाँ शेल्टर नहीं हैं: वाहनों को सुरक्षित न समझें, क्योंकि वे रेडिएशन या ब्लास्ट वेव को रोकने में सक्षम नहीं हैं।

यदि विस्फोट के समय बाहर फँस जाएँ तो क्या करें?

अधिकारियों ने सख्त चेतावनी दी है कि विस्फोट की तेज चमक को सीधे न देखें और न ही इसकी तस्वीरें या वीडियो लें। जो लोग बाहर हैं, वे तुरंत ज़मीन पर मुँह ढककर लेट जाएँ और शुरुआती ब्लास्ट वेव गुजरते ही पास की पक्की इमारत में शरण लें।

रेडियोधर्मी धूल (रेडियोएक्टिव फॉलआउट) के संपर्क में आने पर कपड़े तुरंत उतारकर प्लास्टिक बैग में सील करने और गुनगुने पानी व साबुन से नहाने की सलाह दी गई है। खास चेतावनी: नहाते समय हेयर कंडीशनर का इस्तेमाल न करें, क्योंकि यह रेडियोधर्मी कणों को बालों में चिपका देता है।

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भारत और पाकिस्तान तक रेडियोधर्मी कण पहुँचने की आशंका

एडवाइजरी में चेतावनी दी गई है कि परमाणु विस्फोट के बाद उड़ने वाले सूक्ष्म रेडियोधर्मी कण हवा के साथ सैकड़ों किलोमीटर दूर तक फैल सकते हैं। यदि मौसमी हवाओं का रुख पूर्व दिशा की ओर रहता है, तो इसका असर पड़ोसी देशों—पाकिस्तान और भारत के सीमावर्ती इलाकों तक भी पहुँच सकता है।

बिना डॉक्टरी सलाह आयोडीन गोलियाँ न लें

इस्फहान इमरजेंसी सेवा के प्रवक्ता अब्बास आबेदी ने नागरिकों को आगाह किया कि वे बिना डॉक्टर की सलाह के आयोडीन की गोलियाँ न खाएँ। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्टेबल आयोडीन सिर्फ थायरॉयड ग्रंथि का बचाव करता है, सीधे रेडिएशन से सुरक्षा नहीं देता। इसके अलावा, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स (EMP) के कारण मोबाइल नेटवर्क ठप होने की स्थिति में आधिकारिक सूचनाएँ प्राप्त करने के लिए बैटरी से चलने वाले ट्रांजिस्टर रेडियो तैयार रखने को कहा गया है।

क्यों बेहद अहम मानी जा रही है यह एडवाइजरी?

हालाँकि ईरान ने इसे अपने वार्षिक 'पैसिव डिफेंस वीक' का हिस्सा बताया है, लेकिन यह पहला मौका है जब तेहरान ने इस तरह का सीधे परमाणु हमले से बचाव का सार्वजनिक प्रोटोकॉल जारी किया है। अमेरिका द्वारा रणनीतिक ठिकानों पर संभावित हमलों की चर्चा और नेतन्याहू के बढ़ते दबाव के बीच इस वीडियो का जारी होना पूरे मध्य पूर्व (Middle East) में एक बड़े और विनाशकारी सैन्य संकट का संकेत दे रहा है।

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