नई दिल्ली/वाशिंगटन/तेहरान: संयुक्त राज्य अमेरिका के मिडटर्म चुनावों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मिली करारी शिकस्त के बाद अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में गर्माहट आ गई है। इस चुनावी परिणाम के बाद ईरान की राजधानी तेहरान में लगे एक आक्रामक पोस्टर ने दुनियाभर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस बीच, भारत स्थित ईरानी दूतावास द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किया गया एक वीडियो भी काफी सुर्खियों में है।

तेहरान के एंघेलाब चौक पर लगा विवादास्पद पोस्टर

ईरान की राजधानी तेहरान के प्रमुख एंघेलाब चौक पर एक बड़ा पोस्टर लगाया गया है, जिस पर अंग्रेजी में "We Will Kill Trump" (हम ट्रंप को मार देंगे) लिखा हुआ है। इस पोस्टर में डोनाल्ड ट्रंप को लोहे की सलाखों (रॉड) के पीछे कैद और दुखी मुद्रा में खड़े दिखाया गया है।

इस पोस्टर में केवल ट्रंप ही नहीं, बल्कि उनके सहयोगियों और सहयोगियों पर भी निशाना साधा गया है:

  • पोस्टर में ट्रंप के बगल में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तस्वीर लगाई गई है, जिस पर एक बड़ा 'क्रॉस' (X) का निशान है।
  • इसके साथ ही अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की तस्वीर भी पोस्टर में शामिल की गई है।
  • उल्लेखनीय है कि हाल ही में इजराइल के चुनावों में भी नेतन्याहू सरकार बनाने की स्थिति में नजर नहीं आ रहे हैं।

भारतीय सोशल मीडिया पर ईरानी दूतावास का तंजिया वीडियो

दूसरी ओर, भारत में स्थित ईरानी दूतावास के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक एनिमेटेड वीडियो पोस्ट किया गया है। इस वीडियो में डोनाल्ड ट्रंप को 'खतरनाक अपशिष्ट' (Hazardous Waste) के एक डस्टबिन में डालते हुए दिखाया गया है। वीडियो के कैप्शन में 'US Midterm Elections' लिखा है। फुटेज में कुछ डेमोक्रेटिक नेताओं को भी दर्शाया गया है, जो कथित तौर पर ट्रंप को व्हाइट हाउस से बाहर निकालकर डस्टबिन में डालते नजर आ रहे हैं।

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मिडटर्म इलेक्शन में हार की मुख्य वजह: महंगाई और ईरान युद्ध

एसोसिएटेड प्रेस (AP) के ताजा विश्लेषण के अनुसार, अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में ट्रंप की हार की सबसे बड़ी और मुख्य वजह महंगाई रही है। आम अमेरिकी नागरिक देश में आसमान छूती महंगाई से त्रस्त हैं, और मतदाताओं का मानना है कि ट्रंप प्रशासन इस पर काबू पाने में विफल रहा। जानकारों का यह भी मानना है कि ईरान के साथ चल रहे तनाव और युद्ध की स्थिति के कारण अमेरिकी अर्थव्यवस्था और महंगाई पर गहरा नकारात्मक असर पड़ा।

हालांकि, चुनाव प्रचार के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने महंगाई को नियंत्रित करने के कई बड़े वादे किए थे, लेकिन जनता ने उन पर भरोसा नहीं जताया।

ट्रंप का नया रुख: ईरान से बातचीत और इजराइल की आर्थिक सहायता में कटौती

चुनाव में मिली हार के तुरंत बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और इजराइल को लेकर अपनी नीतियों में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। प्रतिष्ठित अखबार 'फाइनेंशियल टाइम्स' से बातचीत करते हुए ट्रंप ने स्पष्ट किया कि:

  • ईरान पर हमला टला: फिलहाल ईरान पर किसी भी तरह के सैन्य हमले का कोई प्लान नहीं है। अमेरिका पहले ईरान से बातचीत करेगा और उसके बाद ही कोई अगला निर्णय लेगा।
  • इजराइल की सहायता बंद: ट्रंप ने इजराइल को दी जाने वाली भारी-भरकम आर्थिक सहायता में कटौती करते हुए इसे पूरी तरह बंद करने का ऐलान कर दिया है। आपको बता दें कि अमेरिका पहले इजराइल को हर साल 4 अरब डॉलर (4 बिलियन डॉलर) की सहायता राशि प्रदान करता था।

इस घटनाक्रम ने मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक समीकरणों को एक बार फिर से बेहद संवेदनशील मोड़ पर ला खड़ा किया है।

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