लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस में एडीजी रैंक के एक आईपीएस अफसर ने अपने मातहतों को गजब आदेश दिया है।एडीजी ने अपने कार्याधिकार के अंतर्गत आने वाले सभी अफसरों को आदेश दिया है कि वे अपने‌ ऑफिस में उनकी फोटो लगाएं।
और तो और एडीजी ने फोटो का साइज भी बताया है।फोटो कहा मिलेगी उस जगह का पता भी बताया है।एडीजी का ये आदेश वाला पत्र उनके ही किसी खास मातहत ने वायरल कर दिया है।चौंकाने वाली बात ये है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी भी इसी पीएसी जोन में आता है।इस गजब आदेश के बाद एडीजी सुर्खियों में छा गए हैं।एडीजी का ये आदेश वाला पत्र उनके ही किसी खास मातहत ने वायरल कर दिया है।

1997 बैच के आईपीएस अफसर हैं बीआर मीणा

आपको बता दें कि भजनी राम मीणा 1997 बैच के आईपीएस अफसर हैं और पीएसी के पूर्वी जोन में एडीजी हैं।
एडीजी ने 1 फरवरी को अपने जोन के अंतर्गत आने वाले सभी सेनानायकों और वाराणसी—कानपुर रेंज के डीआईजी पीएसी को एक आदेश पत्र जारी किया।एडीजी ने इस पत्र में लिखा कि प्रिय साथियों कृपया मेरा अपर पुलिस महानिदेशक पद पर हुई पदोन्नत की निर्धारित वर्दी की रंगीन तस्वीर आपके कार्यालय में लगाया जाना आवश्यक है।यह फोटो 8 इंच गुणे 10 इंच साइज का है। 14 इंच गुणे 18 इंच के माउंट पर चस्पा है।मेरी फोटो नैनी फोटो सर्विस नामक दुकान हलवासिया मार्केट हजरतगंज लखनऊ में मिल जायेगी।

सोशल मीडिया पर आदेश पत्र जमकर हो रहा वायरल

इधर सोशल मीडिया पर एडीजी का यह आदेश पत्र खूब वायरल हो रहा है। जब से ये पत्र वायरल हुआ लोग इस पर तरह—तरह के कमेंट कर रहे हैं।कोई कह रहा है कि भजनी राम मीणा कुछ अलग करना चाह रहे हैं,तो वहीं कई लोग उनके इस आदेश की आलोचना भी कर रहे हैं।वैसे ये पत्र सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।जब‌ आईपीएस भजनी राम मीणा से इस बारे में बात की‌ गई तो उन्होंने साफ कहा कि यह आदेश कहीं से भी गलत नहीं है।यह पुरानी परंपरा रही है कि ऑफिस में सीनियर अफसरों की तस्वीर लगाई जाए,ताकि मातहतों को अपने अफसर के बारे में पता रहे कि कौन किस रैंक का अधिकारी है।उसी के तहत ही आदेश दिया गया है।जब सवाल किया गया कि फोटो लगाने का खर्चा कौन वहन करेगा तो उन्होंने इसे सरकारी धन से ही खरीदने का प्रावधान बताया, हालांकि राज्य सरकार की तरफ से तो इस मुद्दे पर अभी तक कुछ नहीं कहा गया है।

आपको बता दें कि भजनी राम मीणा हमेशा अपने कार्यों के लिए चर्चा में बने रहते हैं।जब ये आईजी पीएसी पूर्वी जोन प्रयागराज के पद पर तैनात थे तो इन पर एक रिटायर्ड अधिकारी की बेटी को आधी रात को फोन कर परेशान करने का भी आरोप लगा था,हालांकि जांच कमेटी ने इस मामले में उन्हें क्लीन चिट दे दी थी।