प्रयागराज।रूस ने यूक्रेन पर हमला कर विश्वभर की चिंताएं बढ़ा दी हैं।रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध की दहशत उत्तर प्रदेश तक है।रूस के इस हमले के बाद यूक्रेन में इमरजेंसी और फ्लाइट की सुविधाओं पर लगे प्रतिबंध के बाद लगभग 20 हजार भारतीय छात्र फंसे हैं।इनमे से प्रयागराज के भी छात्र फंसे हैं।छात्रों के स्वदेश वापसी पर संकट के काले बादल मंडरा रहे हैं।फ्लाइटे निरस्त होने के बाद वहां फंसे छात्रों के परिजनों की सांसे अटक गई हैं। परिजन अपने बच्चों की सलामती के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं और साथ ही बच्चों की सकुशल वापसी के लिए मोदी सरकार से गुजारिश कर रहे हैं।

धूमनगंज के दीक्षांत श्रीवास्तव मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन गए थे।दीक्षांत ने शनिवार को भारत लौटने के लिए फ्लाइट का टिकट कराया था,लेकिन युद्ध शुरू होने के बाद हालात बिगड़ने से सभी हवाई उड़ानें रोक दी गई और दीक्षांत नहीं लौट सके।परिजन बेटे के सकुशल लौटने के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे है।

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरु होने से पहले अल्लापुर के अनुराग सिंह,नई झूंसी के तुषार पांडेय जनवरी महीने में घर में शादी और निजी कारणों से घर लौट आए हैं। दोनों यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं।धूमनगंज के दीक्षांत, एलनगंज के भुवन सिंह, अल्लापुर के अमित मिश्रा अभी भी यूक्रेन में फंसे हैं, लेकिन परिजन उनके संपर्क में है।

जीआईसी कॉलेज के प्रधानाचार्य देवेंद्र कुमार सिंह के बेटे अनुराग सिंह यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। बहन की शादी की तैयारी के लिए 19 जनवरी को घर लौटे थे। शादी के बाद जब लौटने की तैयारी शुरू की तो हालत बिगड़ने लगे, जिसके बाद अनुराग यहीं रुक गए। अनुराग यूक्रेन में एमबीबीएस फोर्थ ईयर में पढ़ाई कर रहे हैं।उनके क‌ई दोस्त यूक्रेन के ओडेसा में फंसे हैं। अब वह कब लौटकर अपनी पढ़ाई शुरू करेंगे, इसकी चिंता के साथ ही दोस्तों की सुरक्षा की भी फिक्र सता रही है।