रांची पुलिस ने एयरपोर्ट से मुंबई की रहने वाली एक महिला निकहत परवीन को 22 हजार में बच्चा खरीदने के मामले गिरफ्तार किया है।पुलिस पछताछ महिला ने बच्चे को खरीदने की बात स्वीकार की है।महिला ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसने सोनाहातू के बिरडीडीह जरेया की रतनी कुमारी से 22 हजार में तीन दिन के बेटे को खरीद कर पालने के ले लिया था।
गुरुवार को मुंबई जाने के लिए निकली थी।एयरपोर्ट पर जवानों ने उसे जरूरी पूछताछ के लिए रोक लिया।गोद में नवजात बच्चे के बारे में जरूरी जानकारी न देने पर उसे एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट थाने के हवाले कर दिया गया।बाद में प्राथमिकी दर्ज करने उसे होटवार स्थित सेंट्ल जेल भेज दिया गया।

मुंबई के ठाणे ठाकुर पाड़ा मुंबा की रहने वाली 36 वर्षीय महिला निकहत परवीन को बेटे की चाहत ने जेल पहुंचा दिया है।पुलिस पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि उसने सोनाहातू के बिरडीडीह जरेया की रहने वाली मां रतनी कुमारी से 22 हजार रुपए में तीन दिन के बेटे को खरीद कर पालने के ले लिया था। मां रतनी ने अपनी गरीबी की वजह से बेटे को निकहत को दे दिया था। निकहत अपना बेटा बनाकर गुरुवार को विमान से मुंबई जा रही थी। वह एयरपोर्ट पर हंसी-खुशी पहुंची थी।

निकहत गोद में पड़े अपने लाल को बार-बार देख रही थी और खुश हो रही थी, लेकिन निकहत को शायद ये नहीं पता था कि उसकी खुशियां कुछ ही देर में गायब हो जाएगी और वह बड़ी परेशानी में फंस जाएगी।निकहत पर संदेह होने पर बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के मुख्य प्रवेश द्वार पर तैनात जवानों द्वारा जरूरी पूछताछ के लिए रोक ली गई थी। गोद में नवजात बच्चे के बारे में जरूरी जानकारी न देने पर सुरक्षाकर्मियों का शक और गहरा हुआ। इसके बाद उसे एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट थाने के हवाले कर दिया गया था।दारोगा दुर्गा कुमारी गुप्ता ने आवश्यक पूछताछ की। यहां पर भी वह बच्चे के जन्म और उससे रिश्ता के संबंध में हुई जांच-पड़ताल में जरूरी बात नहीं बता पाईं। इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद आरोपी निकहत को होटवार स्थित केंद्रीय कारागार भेज दिया गया।

पुलिस पूछताछ में निकहत परवीन ने बताया कि ठाणे में वो गाजी महल अपर नाइस स्कूल के पास की रहने वाली है। वहीं वो अपने मकान में रहती है। परिवार में पति जावेद शेख, दो बेटी और सास हैं। पति जावेद शेख ठाणे में जनता होटल में वेटर का काम करता है और समय मिलने पर ऑटो चलाता है। निकहत की मां और पिता हजारीबाग में रहते हैं।निकहत ने बताया कि उसे बेटे की चाहत थी। इसी लालच में वो मुंबई से यहां आई थी और रतनी को लोभ-लालच में लेकर रुपए देकर बच्चे को हासिल कर लिया था।

निकहत परवीन तीन दिन के बच्चे को लेकर जब एयरपोर्ट पहुंची तो सुरक्षाकर्मियों ने गोद में बच्चे के बारे में टिकट में उल्लेख न होने पर उसे रोक लिया। निकहत ने दिन के एक बजे की विमान सेवा से मुंबई जाने के लिए ऑनलाइन टिकट बुक था। इसके बाद वह इंडिगो के काउंटर पर पहुंची और टिकट में बच्चे का नाम जुड़वाने का प्रयास किया और इसी समय मामले का खुलासा हुआ। काउंटर पर मौजूद इंडिगो विमान सेवा के कर्मचारी ने जब पाया कि निकहत नवजात की आयु और अन्य सूचना नहीं दे पा रही है तो उसने इसकी जानकारी एयरपोर्ट थाने पुलिस को दी। एयरपोर्ट पुलिस ने निकहत को पकड़ कर एंटी ट्रैफिकिंग सेल के हवाले कर दिया। इधर, इंडिगो के प्रबंधक ने मामले की जांच की तो पता चला कि निकहत पिछले 11 जनवरी को अकेले ही मुंबई से रांची पहुंची थी। उसने 13 जनवरी को वापसी के लिए गुरुवार को दिन के दो बजे उड़ान संख्या छह ई 341 से ऑनलाइन टिकट लिया था। टिकट में शिशु से संबंधित कोई जानकारी अंकित नहीं थी।