लखनऊ।उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत दर्ज करने के बाद योगी आदित्यनाथ एक बार फिर सरकार बनाने की तैयारी में जुटे हैं।योगी कैबिनेट में इस बार कई नए चेहरों के शामिल होने की संभावना हैं।इन चेहरों के नामों को लेकर अटकलों का बाजार गरम है। सियासी गलियों में कुछ नामों पर सहमति बनने की बात हो रही है।इस बार का सबसे खास है प्रदेश में उपमुख्यमंत्री का पद और इस पद पर एक अनार सौ बीमार वाली कहावत चरितार्थ होती हुई नजर आ रही है। स्वतंत्रदेव सिंह,असीम अरुण,दयाशंकर सिंह,शलभमणि त्रिपाठी,राजेश्वर सिंह,अदिति सिंह और नितिन अग्रवाल सहित कई नेताओं को मंत्रिमंडल में मौका मिलने की संभावना है।योगी सरकार के 11 मंत्रियों को चुनाव में जनता ने नकार दिया है।ऐसे में नए चेहरों को मौका मिलना तय है।

योगी सरकार के 11 मंत्रियों को जनता ने नकारा

उत्तर प्रदेश में बीते 35 साल के इतिहास को बदलने वाले गोरखपुर सदर से 1 लाख से अधिक वोट से जीत दर्ज वाले योगी आदित्यनाथ अब नई कैबिनेट को लेकर मंथन में जुटे हैं।शनिवार की दोपहर योगी आदित्यनाथ के आवास पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह और प्रदेश संगठन मंत्री सुनील बंसल एक साथ पहुंचे।सूत्रों की अगर मानी जाए तो दोपहर में हुई इस मुलाकात के दौरान कैबिनेट में शामिल किए जाने वाले चेहरों पर चर्चा भी की गई।इसके बाद रविवार को योगी आदित्यनाथ यूपी में बुलडोजर नीति के दम पर दोबारा जीत दर्ज करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भी मुलाकात की।

इन नामों पर बनी सहमति

जिन विधायकों को उत्तर प्रदेश में नए मंत्रिमंडल में शामिल होने की संभावना है,उनमें सुरेश खन्ना, बेबी रानी मौर्य, श्रीकांत शर्मा, बृजेश पाठक, सतीश महाना, सिद्धार्थ नाथ सिंह, सूर्य प्रताप शाही, आशुतोष टंडन, अनुराग सिंह, असीम अरुण, राजेश्वर सिंह, आशीष पटेल, नंद गोपाल नंदी और नितिन अग्रवाल का नाम फिलहाल तय माना जा रहा है।इसके अलावा भाजपा गठबंधन में शामिल दलों के नेताओं का नाम भी सूची में जोड़ा जा सकता है।सूत्रों के मुताबिक योगी आदित्यनाथ के पिछले मंत्रिमंडल के कई सदस्य इस बार बाहर का रास्ता भी देख सकते हैं।