झारखंड की राजधानी रांची के हाई सिक्योरिटी जोन मोरहाबादी इलाका गुरुवार को गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। 6 राउंड गोलियां बरसाई गरी।घटना में तीन लोगों को गोलियां लगी है और एक युवक की मौत हो गई है।पुलिस जांच में जुटी हुई है।इसे गैंगवार बताया जा रहा है।

जिस जगह पर गैंगवार हुई है।वहां मात्र 500 मीटर की दूरी पर जेएमएम मुखिया शिबू सोरेन, रांची डीसी, रांची एसएसपी सहित कई आला अधिकारियों और मंत्रियों के घर हैं।चंद कदमों की दूरी पर टीओपी भी है। इसके बाद भी अपराधियों ने इस दुस्साहस को अंजाम दिया।इस इलाके में दिनभर पुलिस मौजूद रहती है लेकिन फिर भी अपराधियों ने दुस्साहस दिखाते हुए घटना को अंजाम दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार लालपुर थाना क्षेत्र स्थित मोराबादी मैदान में अचानक गोलीबारी होने लगी। इसमें 3 लोगों को गोली लगी। गोली लगने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गयी।मृत युवक का नाम कालू लामा है। वहीं राजू लामा और शुभम विश्वकर्मा नामक 2 युवक घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है। इधर घटना के बाद मौके पर पहुंची रातू पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गयी है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। फिलहाल अभी गोलीबारी के कारणों का पता नहीं चल सका है।

झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन के आवास के पास दिनदहाड़े गोलीबारी कर कुख्यात कालू लामा को मौत के घाट उतारने वाले अपराधियों की तस्वीर सामने आयी है। तस्वीर में दिन के दो बजे दो बाइक पर सवार पांच अपराधी हाथ में हथियार लेकर मोरहाबादी पहुंचे। चलती बाइक से पिस्टल का काक चढ़ाया और फायरिंग की। कालू जिस कार में बैठा था, अपराधी वहां पहुंचकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस घटना में कालू मारा गया, जबकि उसका भाई राजू लामा और साथी शुभम विश्वकर्मा घायल हो गया।

बताया जा रहा है कि लवकुश शर्मा और कालू लामा एदलहातू इलाके में रहते है। लवकुश शर्मा जून 2021 में जेल से छूटा था। जबकि दिसंबर में कालू जेल से रिहा हुआ था। कालू और लवकुश दोनो ही अपना वर्चस्व कायम करना चाह रहे थे। पुलिस की जांच में यह बात सामने आयी है कि मोरहाबादी स्थित सब्जी बाजार और चाय समेत अन्य दुकानों से लवकुश शर्मा के कहने पर उसका खास राजू चोटी रंगदारी वसूल रहा था। जेल से छूटने के बाद कालू लामा ने राजू चोटी की वसूली बंद करवा दिया।

इसके बाद कालू ने अपने सबसे करीबी शुभम विश्वकर्मा के जरीए वसूली करवाने लगा। इस वजह से लवकुश और कालू के गिरोह के बीच अदावत शुरू हो गई। माना जा रहा है कि यह गैंगवार उसी का नतीजा है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गोलीबारी में शामिल दो अपराधी सोनू शर्मा और राजू चोटी की पहचान हो चुकी है। हालांकि रांची पुलिस ने घटना स्थल से एक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से पुलिस ने पिस्टल भी बरामद की है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।

अपराधियों का दुस्साहस इसी से पता चलता है कि एक अपराधी दोनों हाथों में पिस्टल लेकर फायरिंग कर रहे थे। उस दौरान घटनास्थल पर काफी भीड़ थी। इसके बावजूद अपराधी जरा भी नहीं डरे और गोलियां चलाते रहे। इससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इसी बीच सेना के रिटायर जवान अपने पत्नी के साथ उसी रास्ते से जा रहे थे। भगदड़ मचने के दौरान वह बाइक से गिर गए और उनका पैर भी टूट गया।

एक बाइक से तीन और एक से दो हुए फरार
कालू लामा की हत्या करने के लिए अपराधी पांच की संख्या में आए थे। कालू की हत्या करने के बाद अपराधी अलग-अलग बाइक व स्कूटी से पांचो अपराधी बैठकर आराम से फरार हो गए। पुलिस के जांच में यह बात सामने आई है कि एक जमीन पर कब्जे को लेकर लवकुश शर्मा और कालू लामा गिरोह में अदावत चल रही थी माना जा रहा है कि यह गैंगवार उसी का नतीजा है।

रांची पुलिस को इस बात की आशंका पहले से थी कि कालू लामा के बाहर आने पर रांची की कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है। इसके लिए वह उस पर गुंडा एक्ट लगाना चाहती थी। पुलिस ने दो बार प्रस्ताव तैयार कर डीसी के पास भेजा, लेकिन बोर्ड के द्वारा दोनों बार प्रस्ताव खारिज कर दिया गया। पुलिस इस बात को साबित नहीं कर पाई कि कालू लामा के जेल से बाहर निकलने पर शांति व्यवस्था भंग हो सकती है।