उत्तर प्रदेश के वाराणसी में सोमवार को नामांकन के दौरान काफी गहमागहमी दिखी।एक तरफ अपने बेटे अरविंद राजभर का नामांकन कराने ओम प्रकाश राजभर पहुंचे तो दूसरी तरफ उनके ही प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी और कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर भी नामांकन करने पहुंचे।इस दौरान भाजपा और सुभासपा के समर्थकों के बीच जबरदस्त नोकझोंक और हंगामे का दौर चला।ओम प्रकाश राजभर ने अपने साथ हुई बदसलूकी को लेकर पुलिस पर कई आरोप लगाए।

सातवें चरण के चुनाव में नामांकन के पांचवें दिन सोमवार को काफी गहमागहमी रही।कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई।बेटे अरविंद राजभर को शिवपुर विधानसभा से नामांकन कराने पहुंचे पूर्व मंत्री व सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर को देख अधिवक्ताओं ने जय श्रीराम के नारे लगाने लगे।

माहौल उस समय और गरम हो गया जब एक तरफ से अधिवक्ता जय श्रीराम के नारे लगा रहे थे तो दूसरी तरफ सुभासपा व सपा के कार्यकर्ता जय अखिलेश, जय समाजवाद व सुभासपा का नारा लगाने लगे। दोनों तरफ से नारेबाजी रोकने के लिए पुलिस को काफी काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने किसी तरह दोनों पक्षों के दूर हटाया।

राजभर ने कहा कि नामांकन के दौरान जिस तरह का प्रदर्शन आज भाजपा ने किया है, यह उसकी हताशा और निराशा है। यह लोग मुझसे इतने बौखलाए हुए हैं कि किसी भी समय कोई घटना कर सकते हैं। चुनाव आयोग पर बरसते हुए राजभर ने कहा कि उनके प्रत्याशियों को सुरक्षा दिलाई जाए।

राजभर ने जिलाधिकारी को संबोधित करते हुए कहा कि जो भी उनके दल के लोग नामांकन के लिए पहुंचे हैं उन्हें सुरक्षा दिलाएं।नामांकन स्थल पर सुरक्षा देना चुनाव आयोग का काम है।पुलिस से हम खुश नहीं हैं इसकी शिकायत की जाएगी। राजभर ने कहा कि दस तारीख को काउंटिंग के साथ ही इनकी गर्मी शांत हो जाएगी।