धनबाद।राजस्थान में डॉक्टर अर्चना शर्मा पर मुकदमे का मामला झारखंड पहुंच गया है।राजस्थान के दौसा में गर्भवती की मौत के बाद डॉ अर्चना पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया। इससे डॉ अर्चना ने आत्महत्या कर ली।इसके खिलाफ एसएनएमएमसीएच के डॉक्टरों ने काला बिल्ला लगाकर विरोध जताया। उक्त राज्य के पुलिस प्रशासन एवं मरीज के परिजनों द्वारा डॉक्टर को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।

दौसा के लालसोट कस्बे की डॉक्टर अर्चना शर्मा के सुसाइड केस ने समूचे राजस्थान को हिलाकर रख दिया है। प्रसूता की मौत के बाद दर्ज हुए हत्या के केस से आहत होकर डॉ. अर्चना शर्मा ने आत्महत्या कर ली थी। मौत को गले लगाने से पहले डॉ. अर्चना ने अपने सुसाइड नोट में जो मार्मिक अपील की है वह दिल को झकझोर देने वाली है।

अपने सुसाइड नोट में अर्चना ने लिखा की ”Don’t Harass Innocent Doctors”. डॉ. अर्चना शर्मा का यह सुसाइड नोट सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इस केस में हर कोई उनके परिवार के साथ खड़ा नजर आ रहा है। सोशल मीडिया में इसको लेकर कई तरह के कमेंट किये जा रहे हैं।

डॉ. अर्चना शर्मा के सुसाइड नोट के मजमून को पढ़कर हर कोई स्तब्ध है। हिन्दी और अंग्रेजी में कॉमन रूप से लिखे अपने सुसाइड नोट में डॉ. अर्चना शर्मा ने लिखा कि मैं मेरे पति और बच्चों से बहुत प्यार करती हूं,कृपया मेरे मरने के बाद उन्हें परेशान नहीं करना। मैंने कोई गलती नहीं की किसी को नहीं मारा। PPH एक कॉमन कॉम्लिकेशन है। इसके लिये डॉक्टर को इतना प्रताड़ित करना बंद करो। मेरा मरना शायद मेरी बेगुनाही साबित कर दे। Don’t Harass Innocent Doctors. प्लीज लव यू प्लीज मेरे बच्चों को मां की कमी महसूस नहीं होने देना।