लखीमपुर खीरी।समाजवादी पार्टी के नेताओं के बाद अब लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में मारे गए पत्रकार रमन कश्यप के भाई पवन कश्यप ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की मतगणना पर सवाल उठाया है।पवन कश्यप ने मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा है कि जब बैलेट पेपर में हुई गिनती में भाजपा हार गई थी तो ईवीएम में कैसे जीत गई।

पवन कश्यप ने कहा कि उनका मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है और उन्हें सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है।पवन ने हाल ही में आए चुनाव नतीजों पर बहुत ज्यादा खुलकर बात करने से साफ मना किया। उन्होंने कहा कि वह पीड़ित हैं और न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं।सुप्रीम कोर्ट से हमें न्याय जरूर मिलेगा।जमानत पर आशीष मिश्र‌ बाहर हैं,ट्रायल भी चल रहा है और फिर से अंदर होंगे।

पवन ने कहा कि बस इतना जरूर है कि बैलट पेपर में तो हारे हुए थे और ईवीएम में आठ में आठों सीट कैसे जीत गए।इनकी रैलियां हम देख रहे थे,उसमें भीड़ नहीं होती थी,इनकी गाड़ियों में कोई बैठने को तैयार नहीं होता था, फिर भी अजीब है,यह जीते हैं।आठ के आठों विधायकों को मेरी तरफ से बहुत-बहुत बधाई।

पवन ने कहा कि हम लोग चाहते थे कि अजय मिश्र टेनी को मंत्री पद से बर्खास्त किया जाए लेकिन वह नहीं हुआ।टेनी ने अपने बेटे की जमानत करा ली।हमारे चार किसान जो निर्दोष हैं, वो अभी जेल में है और उनकी जमानत खारिज हो रही है।टेनी ने ये सब अपने पॉवर का इस्तेमाल किया। इसमें न्याय तो नहीं हुआ लेकिन सत्ता पक्ष का खेल हुआ।

लखीमपुर की आठों सीट पर भाजपा का कब्जा

लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया में बीते साल 3 अक्टूबर को हुई हिंसा के बाद उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को लखीमपुर खीरी जिले की 8 विधानसभा सीटों पर जीत मिली है।जिस विधानसभा सीट में तिकुनिया हिंसा हुई थी,वहां से भाजपा प्रत्याशी शशांक वर्मा जिले में सबसे अधिक 48000 मतों से चुनाव जीते हैं, हालांकि, पोस्टल बैलेट में सपा भारी रही तो ईवीएम में भाजपा ने बाजी मारी।

पोस्टल बैलेट में सपा तो ईवीएम में भाजपा जीती

पलिया विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी रोमी साहनी को 118864 वोट मिले,जिनमें 118706 वोट ईवीएम से मिले हैं जबकि 158 वोट पोस्टल बैलेट से मिले हैं।सपा के प्रीतइंदर सिंह को 80735 वोट मिले,जिनमें 80370 वोट ईवीएम और 365 पोस्टल बैलेट से मिले।

गोला गोकर्णनाथ विधानसभा सीट पर भाजपा के अरविंद गिरि को 126534 वोट मिले,जिनमें 126250 वोट ईवीएम और 284 वोट पोस्टल बैलेट से मिले। सपा के विनय तिवारी को 97240 वोट मिले,जिसमें 96548 वोट ईवीएम और 692 वोट पोस्टल बैलेट से मिले।

निघासन विधानसभा सीट भाजपा के शशांक वर्मा को 126488 वोट मिले,जिसमें 126362 ईवीएम और 126 वोट पोस्टल बैलेट से मिले।सपा के आरएस कुशवाहा को 85479 वोट मिले, जिसमें 85155 वोट ईवीएम और 324 वोट पोस्टल बैलेट से मिले।

श्रीनगर विधानसभा सीट पर भाजपा की मंजू त्यागी 108249 वोट मिले,जिसमें 108081 वोट ईवीएम और 168 वोट पोस्टल बैलेट से मिले।सपा के रामसरन 90641 वोट मिले,जिसमें 90063 ईवीएम और 578 पोस्टल बैलेट के वोट मिले।

धौरहरा विधानसभा सीट से भाजपा के विनोद अवस्थी 113498 को वोट मिले,जिसमें 113403 ईवीएम और 95 पोस्टल बैलेट से मिले। सपा के वरुण चौधरी 88888 वोट मिले,जिसमें 88549 ईवीएम और 339 पोस्टल बैलेट से वोट मिले।

लखीमपुर सदर विधानसभा सीट पर भाजपा के योगेश वर्मा 127663 वोट मिले,जिसमें 127262 ईवीएम और 401 पोस्टल बैलेट से वोट मिले।सपा के उत्कर्ष वर्मा को 107085 वोट मिले,जिसमें 106146 ईवीएम और 939 पोस्टल बैलेट से वोट मिले।

कस्ता विधानसभा सीट पर भाजपा के सौरभ सिंह सोनू 103315 वोट मिले,जिसमें 103093 ईवीएम और 222 पोस्टल बैलेट से वोट मिले।सपा के सुनील लाला 89498 वोट मिले, जिसमें 88929 ईवीएम और 569 पोस्टल बैलेट के वोट मिले।

मोहम्मदी विधानसभा सीट पर भाजपा के लोकेंद्र प्रताप सिंह को 99377 वोट मिले,जिसमें 99263 ईवीएम और 114 पोस्टल बैलेट के वोट मिले।सपा के दाऊद अहमद को 94506 वोट मिले, जिसमें 94112 ईवीएम और 394 पोस्टल बैलेट के वोट मिले।

क्या होता है पोस्टल बैलेट वोट

आपको बता दें कि पोस्टल बैलट देश के चुनाव आयोग की वो खास व्यवस्था है,जो कुछ विशेष श्रेणी के लोगों को मुहैया कराई जाती है। मतदान के दिन जो लोग कुछ स्वीकृत वजहों से मतदान के लिए नहीं पहुंच पाते हैं,वो इस व्यवस्था के जरिए मतदान करते हैं। प्रदेश और केंद्र सरकार के निम्नलिखित विभाग के लोगों को चुनाव वाले दिन सरकारी ड्यूटी पर रहने के चलते पोस्टल बैलट के जरिए वोट देते हैं।

सेना, नौसेना और वायु सेना जैसे सशस्त्र बलों के सदस्य, राज्य के सशस्त्र पुलिस बल के सदस्य जो राज्य के बाहर सेवारत,भारत के बाहर तैनात सरकारी कर्मचारी और उनके पार्टनर को केवल पोस्टल बैलेट से मतदान करने का अधिकार मिला हुआ है। इसके अलावा आयोग ने 80 साल और इससे अधिक उम्र के व्यक्तियों, विकलांग लोगों को पोस्टल बैलट से वोट डालने की इजाज़त दी थी।

पोस्टल बैलट के जरिए मतदान करने का अधिकार चुनाव नियमावली 1961 के तहत मिला हुआ है।इसके तहत मतदाता के पास ही उसके चुनाव क्षेत्र का बैलट पोस्ट के जरिए भेज दिया जाता है।ये खास मतदाता उस बैलट पर अपने मन मुताबिक प्रत्याशी के लिए मुहर लगाकर पोस्ट के जरिए चुनाव अधिकारी के पास भेज देते हैं।

पहले होती है पोस्टल बैलेट की गिनती

पोस्टल बैलट के ज़रिए आए मतो की गिनती पहले शुरू होती है।इसके बाद ईवीएम में दर्ज मतों की गिनती होती है। पोस्टल बैलट की संख्या कम होती है और ये पेपर वाले मत पत्र होते हैं। इसलिए इन्हें गिना जाना आसान होता है।इस बार सपा ने पुरानी पेंशन बहाल करने का वादा किया था, जिसकी वजह से तमाम सरकारी कर्मचारियों ने सपा के पक्ष में मतदान किया था।सपा मुखिया अखिलेश यादव ने दावा किया है कि पोस्टल बैलेट में सपा गठबंधन को 51.5 फीसदी मत मिले।इस हिसाब से 304 सीट पर हमारे गठबंधन की जीत हुई।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा गठबंधन ने 273 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत हासिल किया है। भाजपा दूसरी बार उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने जा रही है। 273 में 255 सीटें भाजपा,निषाद पार्टी 6 और अपना दल (एस) को 12 सीटे मिली हैं।सपा नेतृत्व वाले गठबंधन को 125 सीटें मिली हैं,जबकि बसपा एक, कांग्रेस और जनसत्ता दल के उम्मीदवारों ने 2-2 सीटों पर जीत दर्ज की है।