रांची।झारखंड से एक अहम खबर आ रही है।कोरोना काल के बाद पहली बार झारखंड में रामनवमी जुलूस निकाले जाने की उम्मीद है।रामनवमी के साथ-साथ सरहुल के मौके पर भी जुलूस निकाले जाने की संभावना है।

सूत्रों के अनुसार हेमंत सोरेन सरकार ने इसके लिए हरी झंडी दे दी है।अगर पूरी अनुमति मिल जाती है तो 2 साल बाद राज्य में रामनवमी और सरहुल के मौके पर जुलूस का आयोजन संभव होगा।जुलूस के लिए कुछ शर्तें भी निर्धारित की गई है ताकि कोविड गाइडलाइंस का पालन हो सके।

मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जुलूस के लिए एस‌ओपी बनाने का निर्देश दिया है। इसे तैयार करने की जिम्मेदारी मुख्य सचिव सुखदेव सिंह को दी गई है। 2 दिनों में एसओपी जारी हो सकती है। माना जा रहा है कि मास्क,कम भीड़ के साथ जुलूस, अलग-अलग टुकड़ों और निर्धारित समय के शर्तों के साथ जुलूस की अनुमति दी जा सकती है। उसके बाद विभिन्न अखाड़ा और कमेटियां सरकार के दिशा निर्देश के अनुसार जुलूस निकाल सकते हैं।