दुमका।बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड के कोयला और लोहा पर केंद्र सरकार की गिद्ध नजर है।सीएम बुधवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा के स्थापना दिवस पर दुमका गांधी मैदान में आयोजित 43 वें झारखंड दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।

सीएम हेमंत ने कहा कि यहां कोयले और लोहे की लूट 100 साल से हो रही है।केन्द्र यहां से कोयला निकालता है पर विस्थापितों को विस्थापन और धूल के सिवा क्या मिलता है। केंद्रीय कोयला मंत्री को मैने झारखंड को उसका हक देने और एक करोड़ तक का ठेका विस्थापितों को देने का मैने अनुरोध किया था। मुझे खुशी है कि केन्द्र ने मेरे अनुरोध को मान लिया है।

सीएम हेमंत कहा कि मैने आज ही अखबारों में पढ़ा है कि एक करोड़ तक का ठेका विस्थापितों को मिलेगा।इस निर्णय के लिए केन्द्र सरकार को मंच से धन्यवाद देता हूं। अभी भी केन्द्र के पास झारखंड का बहुत सारा अधिकार बकाया है। इसका हमलोग लेखा-जोखा कर रहे हैं।

सीएम हेमंत ने आरोप लगाते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार में झारखंड ने अपना अधिकार नहीं लिया उल्टे यहां का सब कुछ झाड़ू-पोछा कर केन्द्र में पहुंचा दिया। 43 वें झारखंड दिवस समारोह को झामुमो मुखिया शिबू सोरेन,विधायक बसंत सोरेन,नलिन सोरेन और सीता सोरेन सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।

सीएम हेमंत ने कहा कि सरकार को अभी लंबा सफर तय करना है। 20 साल में भाजपा ने राज्य को उल्टा दिशा में चलवा दिया था।अब घूम कर सीधा रास्ते चल कर वहां तक पहुंचना है,जहां पहुंचने का रास्ता बुजुर्गों ने देखा था। हमारी सरकार राज्य की सवा तीन करोड़ जनता को समर्पित है।जनता की समस्याओं से हम भाग नहीं सकते। 20 साल से राज्य में समस्याओं की गठरी बना दी गई है।

सीएम हेमंत ने कहा कि मेरी सरकार राज्य में इंगलिश मीडियम स्कूल खोलेगी।सरकार द्वारा खोला जाने वाला इंगलिश मीडियम स्कूल में प्राइवेट स्कूलों से भी अच्छी पढ़ाई की व्यवस्था की जाएगी।कोरोना काल होने के बाद अपनी सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की विस्तार से चर्चा की।

सीएम हेमंत ने कहा है सभी तरह के अनुबंधकर्मियों की समस्याओं का समाधान होगा। वार्ता कर समस्याओं का हल निकालने के लिए सरकार का दरवाजा खुला है। मुझे अनुबंधकर्मियों से ये कहना है कि सरकार भाजपा की नहीं आपकी है। आप लोग बिना वजह भाजपा के और असमाजिक तत्वों के बहकावे में नहीं आएं। पूर्ववर्ती सरकार ने अलग अलग तरीके से नियुक्ति कर ली। अब उसका पाप मेरे सिर पर है पर चिंता न करें। सभी के समस्या का समाधान निकलेगा।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उदाहरण देते हुए कहा कि पारा शिक्षकों को आंदोलन नहीं करना पड़ा। पहले वे 30 दिन में 28 दिन धरना प्रदर्शन करते थे। अब 28 दिन पढ़ा रहे हैं और दो दिन छुट्टी ले रहे हैं। सेविका, सहायिका ,जल सहिया सभी के लिए सरकार दरवाजा खुला है।सहायक पुलिस के प्रति भी मेरा सकारात्मक सोच रहा है पर वे गलत तत्वों के बहकावे में आ गए और अचानक धरना प्रदर्शन करने लगे। हमारे विरोधियों ने उनके लिए राशन और टेंट की व्यवस्था की थी।