भोपाल। स्वतंत्रता दिवस के गरिमामय समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम में परेड का निरीक्षण किया और सुरक्षा बलों के असीम शौर्य को नमन किया। उन्होंने घोषणा की कि राज्य को नक्सल मुक्त बनाने की ऐतिहासिक सफलता हमारे जांबाज जवानों के समर्पण से ही संभव हो सकी है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने किसान, युवा, महिला सशक्तीकरण और संस्कृति को केंद्र में रखते हुए प्रदेश के सर्वांगीण विकास की योजनाओं का ब्योरा साझा किया।

नक्सल मुक्त मध्यप्रदेश और वीरों को नमन

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम में रानी दुर्गावती, रानी अवंती बाई, महाराजा छत्रसाल, टंट्या मामा भील और चंद्रशेखर आजाद के योगदान को याद करते हुए आंतरिक सुरक्षा में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा बलों के शौर्य के बल पर ही मध्यप्रदेश आज नक्सलवाद की समस्या से पूरी तरह मुक्त हो सका है।

वैश्विक पटल पर मध्यप्रदेश: BRICS सम्मेलनों की सफल मेजबानी

  • सांस्कृतिक और वैश्विक पहचान: जून 2026 में BRICS देशों के कृषि मंत्रियों एवं कृषि कार्य समूह तथा अगस्त 2026 में ब्रिक्स देशों के संस्कृति मंत्रियों की बैठकों की मेजबानी मध्यप्रदेश ने सफलतापूर्वक की है।
  • जन-विश्वास अभियान: सुशासन की दिशा में 7 अगस्त 2026 से 'मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान' की शुरुआत की गई है, जो जनता और शासन के बीच सीधे संवाद को मजबूत कर रहा है।
  • संत रविदास जयंती: समरसता के संत गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती का भव्य उत्सव 18 अगस्त 2026 से पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा।

वर्ष 2026 'किसान कल्याण वर्ष': 4 गुना मुआवजा और दुग्ध क्रांति

मुख्यमंत्री ने कहा कि "किसानों के खेत हमारे लिए देवस्थल हैं।" कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए कई नई पहल की गई हैं:

  • ऐतिहासिक मुआवजा: प्रदेश के इतिहास में पहली बार शासकीय योजनाओं हेतु कृषि भूमि का अधिग्रहण करने पर 4 गुना मुआवजा देने का निर्णय लागू किया गया है।
  • सिंचाई क्षमता का विस्तार: 'केन-बेतवा लिंक परियोजना' (₹44,600 करोड़) और स्लीमनाबाद टनल के माध्यम से विंध्य तक नर्मदा जल पहुंचाया जाएगा। वर्ष 2028-29 तक सकल सिंचाई क्षमता को 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
  • मिल्क-कैपिटल व मत्स्य पालन: प्रदेश में दुग्ध संकलन 12 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचा है। 'लखपति गौपालक दीदी योजना' की शुरुआत की गई है। नई 'मत्स्य पालन नीति-2026' के तहत ₹7,430 करोड़ के बाय-बैक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

युवा और रोजगार: वर्ष 2027 होगा 'युवा वर्ष'

वर्ष 2025 को 'निवेश और रोजगार वर्ष' और 2026 को 'किसान कल्याण वर्ष' के रूप में मनाने के बाद, राज्य सरकार ने वर्ष 2027 को 'युवा वर्ष' के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।

क्षेत्र / योजनामुख्य बिंदु
सरकारी नौकरियां85,000+ नियुक्तियां पूरी; प्रतिवर्ष 1 लाख से अधिक पदों पर नई भर्तियां होंगी।
कौशल विकासप्रतिवर्ष 1 लाख युवाओं को ITI और 10,000 युवाओं को ग्लोबल स्किल पार्क में ट्रेनिंग।
ड्रॉपआउट्स पर फोकस10वीं में अनुत्तीर्ण या पढ़ाई छोड़ने वाले युवाओं को हुनरमंद बनाकर वैश्विक स्तर पर रोजगार योग्य बनाना।
इंडस्ट्री-गवर्नमेंट लिंकउद्योगों और युवाओं के बीच सेतु का काम करने के लिए अलग 'प्लेसमेंट सेल' का गठन।

फार्म टू फैक्ट्री और डिजिटल बुनकर क्रांति

  • मृगनयनी का डिजिटल अवतार: 'मृगनयनी' पहला ऐसा सार्वजनिक उपक्रम बना है, जिसने राज्य के बुनकरों, कलाकारों और ODOP (एक जिला एक उत्पाद) के उत्पादों को सीधे ग्लोबल मार्केट से जोड़ने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है।
  • हैंडलूम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस पर प्रदेश में हैंडलूम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ किया गया।

मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पंक्तियों का स्मरण करते हुए प्रदेशवासियों से 'समृद्ध और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश' के निर्माण में गिलहरी योगदान देने का आह्वान किया।