मध्य प्रदेश के सतना जिले और धार्मिक नगरी चित्रकूट में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने भयावह रूप ले लिया है। लगातार बारिश के चलते क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मंदाकिनी नदी अपने सामान्य जलस्तर से करीब 30 फीट ऊपर बह रही है, जिससे तटीय और निचले इलाकों में भारी तबाही देखने को मिल रही है।
चित्रकूट में 300 मीटर लंबा पुल बहा, बांध टूटने से जलप्रलय
- बांध और पुल क्षतिग्रस्त: गोरगी बांध के टूटने से कई ग्रामीण और शहरी इलाकों में तेजी से पानी घुस गया। चित्रकूट के प्रसिद्ध रामघाट पर स्थित लगभग 300 मीटर लंबा पुल पानी के तेज बहाव में बह गया, जबकि घाट किनारे बनी कई दुकानें पूरी तरह जलमग्न हो गईं।
- जनजीवन ठप: नागौद, बिरसिंहपुर, मझगवां और सतना शहर के निचले इलाकों में नदी-नाले उफान पर हैं। बिरसिंहपुर के मोहल्लों और कलेक्ट्रेट मार्ग पर कमर तक पानी भरने से नाव चलाने की नौबत आ गई है। नागौद थाने और पेट्रोल पंपों तक पानी प्रवेश कर गया है।
- मकान ढहा: कोठी क्षेत्र में कच्चा मकान ढहने से दो मवेशियों की मौत की खबर है।
रेस्क्यू ऑपरेशन और रेल यातायात प्रभावित
- एयरलिफ्ट और रेस्क्यू: एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें मुस्तैदी से राहत कार्य में लगी हैं। पानी से घिरे और छतों पर फंसे लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिए एयरलिफ्ट किया जा रहा है।
- ट्रेनें रुकीं: मुंबई-हावड़ा रेल मार्ग और चित्रकूट के पास पटरियों पर पानी भर जाने से सिग्नल हरा होने के बावजूद कई ट्रेनें ट्रैक पर ही खड़ी रहीं। सती अनुसुइया आश्रम समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों के रास्ते सुरक्षा के लिहाज से बंद कर दिए गए हैं।
मौसम विभाग का अलर्ट: आज देश के 26 राज्यों में आंधी-बारिश की चेतावनी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 30 अगस्त को देश के 26 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का सख्त अलर्ट जारी किया है।
- अलर्ट के दायरे में राज्य: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों सहित कुल 26 राज्य शामिल हैं।
- रीवा संभाग में यलो अलर्ट: बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) और मानसून ट्रफ के कारण मध्य प्रदेश के रीवा संभाग और आसपास के इलाकों में अगले 5 दिनों तक हल्की से मध्यम व कहीं-कहीं तेज बारिश का 'यलो अलर्ट' जारी किया गया है। प्रशासन ने निचले इलाकों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए हैं।





