रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व प्रधानमंत्री और 'भारत रत्न' अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने अटल जी के विराट व्यक्तित्व, राष्ट्रसेवा और छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि वे छत्तीसगढ़ के वास्तविक निर्माता और प्रदेशवासियों की जनभावनाओं को सम्मान देने वाले महान राष्ट्रनायक थे।
"छत्तीसगढ़ निर्माण उनका ऐतिहासिक निर्णय"
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पृथक छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण अटल जी के दूरदर्शी नेतृत्व, दृढ़ संकल्प और संवेदनशील सोच का ही सुखद परिणाम है:
- जनआकांक्षा का सम्मान: अटल जी ने छत्तीसगढ़ अंचल की भौगोलिक आवश्यकताओं और वर्षों पुरानी पृथक राज्य की मांग को समझा और प्रधानमंत्री रहते हुए इसे साकार किया।
- इतिहास में दर्ज योगदान: छत्तीसगढ़ को एक स्वतंत्र राज्य के रूप में पहचान दिलाने वाला उनका यह ऐतिहासिक निर्णय प्रदेश के इतिहास में हमेशा स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।
छत्तीसगढ़ से था गहरा और आत्मीय रिश्ता
सीएम साय ने अटल जी के साथ अपनी स्मृतियों को साझा करते हुए कहा:
- भावनात्मक जुड़ाव: अटल जी का छत्तीसगढ़ से रिश्ता केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि गहरा आत्मीय था।
- निजी प्रेरणा: सीएम साय ने कहा कि उन्हें स्वयं अटल जी का मार्गदर्शन और स्नेह पाने का सौभाग्य मिला, जो आज भी उन्हें जनसेवा के पथ पर निरंतर प्रेरित करता है।
जनजातीय उत्थान और सुशासन की ऐतिहासिक पहलें
मुख्यमंत्री ने अटल जी के कार्यकाल में देश के विकास के लिए उठाए गए बड़े कदमों का उल्लेख किया:
- पृथक जनजातीय कार्य मंत्रालय: जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास को राष्ट्रीय प्राथमिकता देते हुए अटल जी के कार्यकाल में ही पृथक जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया गया था।
- ग्राम सड़क योजना: 'प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना' के जरिए देश के दूर-दराज के गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़कर ग्रामीण भारत के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति दी गई।
- अंत्योदय व सुशासन: अटल जी ने सुशासन और समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण (अंत्योदय) को शासन का मुख्य आधार बनाया।
दलगत सीमाओं से परे सर्वस्वीकार्य नेता
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संवेदनशील कवि, प्रखर पत्रकार, ओजस्वी वक्ता और दूरदर्शी राजनेता के रूप में अटल जी ने भारतीय जनमानस पर अमिट छाप छोड़ी है। वैचारिक दृढ़ता के साथ विनम्रता और संवाद उनकी कार्यशैली की मुख्य विशेषता थी, जिसके कारण उन्हें सभी राजनीतिक दलों और वर्गों का अपार सम्मान प्राप्त हुआ।





