झारखंड के गुमला जिले के भरनो प्रखंड के करंज थाना स्थित अंबेरा गांव में गुरुवार की सुबह छह बजे एक जंगली भालू ने गांव के तीन लोगों पर हमला कर दिया। भालू के हमले में ललित किसान उम्र 56 साल और सुभाष किसान उम्र 17 साल की मौत हो गयी।दोनों दादा और पोता थे।मृतक ललित का बेटा मंगलेश्वर किसान उम्र 32 साल घायल है। मंडलेश्वर का इलाज रांची के रिम्स में चल रहा है।घटना की सूचना पर विधायक जिग्गा सुसारन होरो व गुमला डीएफओ श्रीकांत रिम्स (रांची) पहुंचे, जहां पीड़ित परिवार से मिले और इलाज की उचित व्यवस्था करायी।
खेत में गये थे काम करने
जानकारी के अनुसार मृतक ललित किसान अपने बेटे मंगलेश्वर व पोता सुभाष को लेकर पहाड़ के पास स्थित अपने खेत में काम करने गया था। इस दौरान पहाड़ से एक जंगली भालू निकला और ललित किसान पर हमला कर दिया।ललित को बचाने गये बेटे और पोते को भी भालू ने घायल कर दिया।काफी देर तक उन लोगों ने भालू से सामना किया। तीन लोगों पर भालू द्वारा हमले की सूचना पर गांव के लोग व परिजन घटनास्थल पहुंचे। सभी को खटिया पर लादकर अस्पताल लाया जा रहा था।इसी दौरान रास्ते में ललित की मौत हो गयी,जबकि रिम्स में सुभाष की मौत हो गयी।
चार-चार लाख रुपये मुआवजा
घटना की सूचना पर विधायक जिग्गा सुसारन होरो व गुमला डीएफओ श्रीकांत रिम्स (रांची) पहुंचे, जहां पीड़ित परिवार से मिले।अंतिम संस्कार के लिए तत्काल वन विभाग ने 20 हजार रुपए दिए। कागजी प्रक्रिया के बाद मृतक के परिजनों को चार-चार लाख रुपये व घायल के इलाज के लिए दो लाख रुपये दिया जायेगा। मृतक ललित व सुभाष झामुमो के युवा प्रखंड अध्यक्ष गुडविन सत्येंद्र किसान के दादा व भाई थे।
आधा घंटा तक भालू से लड़े, लेकिन हार गयीं दो जिंदगियां
भरनो प्रखंड के अंबेरा गांव के पहाड़ में एक भालू से दादा, बेटा और पोता आधा घंटा तक लड़े, परंतु भालू के जोरदार हमले से घायल दो लोग अपनी जिंदगी की जंग हार गये।दादा ललित किसान की घटना स्थल पर ही मौत हो गयी,जबकि पोता सुभाष किसान की रांची रिम्स में मौत हुई।भालू ने दोनों के शरीर को बुरी तरह नोच डाला था।यहां तक कि सिर को बुरी तरह जख्मी कर दिया था। वहीं मंगलेश्वर किसान अभी भी जीवन व मौत से लड़ रहा है।उसका इलाज रिम्स में चल रहा है। सिसई विधानसभा के झामुमो विधायक जिग्गा सुसारन होरो व गुमला के डीएफओ श्रीकांत घटना की सूचना पर रिम्स पहुंचकर घायल मंगलेश्वर के इलाज की समुचित व्यवस्था करायी।
जानलेवा हमला करते रहे हैं भालू
आपको बता दें कि भरनो के कई ऐसे गांव हैं, जो जंगल से सटे हुए हैं। इस क्षेत्र में भालू काफी संख्या में रहते हैं। चूंकि भरनो के पहाड़ के कुछ हिस्से पालकोट वन्य प्राणी आश्रयणी क्षेत्र से सटे हुए हैं। इस कारण पालकोट के कई भालू भरनो से सटे जंगल व पहाड़ की गुफा में घर बनाये हुए हैं।पूर्व में भी भालू ने कई लोगों पर हमला कर मौत के घाट उतार दिया है।कुछ साल पहले तीन लोगों को भालू ने एक साथ मार डाला था।





