इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान के तेजी से बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा अंतरिम आदेश जारी किया है। न्यायमूर्ति शाहिद वहीद की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने 73 वर्षीय इमरान खान को अदियाला जेल से तत्काल इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में भर्ती कराने का निर्देश दिया है।

अदालत का यह आदेश पीटीआई महासचिव सलमान अकरम राजा और इमरान खान की बहन उजमा खान की याचिकाओं पर आया है। सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख निर्देश और मेडिकल रिपोर्ट के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • विशेष मेडिकल बोर्ड का गठन: कोर्ट ने इमरान खान के इलाज के लिए विशेष मेडिकल बोर्ड बनाने का आदेश दिया है, जिसमें उनके निजी चिकित्सक डॉ. फैसल और बहन उजमा खान भी शामिल रहेंगे। पूर्व पीएम 16 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई तक अस्पताल में ही भर्ती रहेंगे।
  • राजनीति न करने की चेतावनी: अदालत ने पीटीआई नेताओं को साफ लहजे में चेतावनी दी है कि वे इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर किसी भी तरह की राजनीति करने से बचें।
  • 'थ्री प्लस' एंग्जाइटी का स्तर: जेल प्रशासन द्वारा सौंपी गई मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान में 'थ्री प्लस' स्तर की गंभीर एंग्जाइटी और पैनिक के लक्षण पाए गए हैं। उनका ब्लड प्रेशर 140/80 और पल्स रेट 54 दर्ज की गई है। उन्होंने सिर में भारीपन और घबराहट की शिकायत की थी।
  • विशेषज्ञों की सिफारिशें: विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक एकांतवास में रहने के कारण यह मानसिक तनाव बढ़ा है। बोर्ड ने उन्हें रोजाना 1 घंटा टहलने, किताबें-अखबार पढ़ने और परिवार से मिलने-जुलने की सलाह दी है ताकि उनका तनाव कम हो सके।

जेल प्रशासन ने कोर्ट को बताया कि नियमों के तहत इमरान खान की उनकी पत्नी बुशरा बीबी से अब तक 84 बार मुलाकात कराई जा चुकी है। फिलहाल, खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी द्वारा विरोध प्रदर्शन की दी गई चेतावनियों के बीच शीर्ष अदालत के इस फैसले से प्रशासनिक तंत्र ने राहत की सांस ली है।