नई दिल्ली/तेल अवीव:

अमेरिका द्वारा ईरान के केश्म द्वीप पर किए गए कथित सैन्य हमले की खबर सामने आने के बाद मंगलवार को एशियाई बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया। इस ताजा घटनाक्रम से एक बार फिर मिडिल ईस्ट से होने वाली तेल और ऊर्जा आपूर्ति के लंबे समय तक बाधित होने की चिंता गहरा गई है।

कच्चे तेल की कीमतों में ताजा स्थिति

  • ब्रेंट क्रूड वायदा (Brent Crude): मंगलवार को भारतीय समयानुसार दोपहर 12:30 बजे तक ब्रेंट क्रूड 1.57% की तेजी के साथ 106.45 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इससे ठीक एक दिन पहले सोमवार को इसमें बड़ी गिरावट आई थी और यह 7.63% (8.66 डॉलर) टूटकर 104.77 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था।
  • WTI क्रूड: अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 1.66% की बढ़त के साथ 98.06 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।

केश्म द्वीप पर हमले की वजह और बाजार पर असर

अमेरिकी अखबार 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने इस सैन्य कार्रवाई को 'बचाव में उठाया गया कदम' बताया है। उनका तर्क है कि यह हमला ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने से रोकने के लिए किया गया।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जब निवेशकों को यह उम्मीद बंध रही थी कि कूटनीतिक रास्ते से मामला सुलझ जाएगा, तभी इस सैन्य कार्रवाई की खबर ने बाजार के समीकरण बदल दिए और जोखिम प्रीमियम को बढ़ा दिया।

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होर्मुज जलडमरूमध्य और वैश्विक सप्लाई संकट

  • फरवरी के अंत से शुरू हुए अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक—होर्मुज जलडमरूमध्य से आवाजाही पर भारी असर पड़ा है।
  • इस युद्ध से पहले दुनिया भर के कुल कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई का लगभग 20% हिस्सा (पांचवां हिस्सा) इसी रास्ते से गुजरता था।
  • अक्टूबर के अंत में ब्रेंट क्रूड अपने छह महीने के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था।

एक तरफ सैन्य टकराव, दूसरी तरफ शांति की कोशिशें

  • ईरान-अमेरिका संपर्क: तेहरान ने सोमवार को स्पष्ट किया कि युद्ध समाप्त करने के लिए दोनों देशों के बीच कतर के मध्यस्थों के माध्यम से संपर्क बना हुआ है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के अनुसार, सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने शांति वार्ता के लिए सरकार को कुछ अधिकार दिए हैं।
  • डोनाल्ड ट्रंप पर दबाव: अमेरिका में महंगे पेट्रोल और ऊर्जा संकट के कारण मतदाताओं पर पड़ रहे आर्थिक बोझ से राष्ट्रपति ट्रंप पर इस जंग को जल्द खत्म करने का भारी दबाव है।
  • अबू धाबी में रूस-यूक्रेन वार्ता: मिडिल ईस्ट के अलावा अमेरिका कूटनीतिक मोर्चे पर एक और पहल कर रहा है। आगामी 10 से 11 नवंबर को अबू धाबी में रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडलों की एक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें युद्ध समाप्त करने और सुरक्षा समझौतों पर चर्चा होगी।

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