मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) में जारी भारी तनाव और सुरक्षा चुनौतियों के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने खाड़ी देशों के शासकों और मुस्लिम जगत से एकजुटता की बड़ी अपील की है। उन्होंने अपने संदेश में मुस्लिम देशों के बीच आपसी सहयोग, एकता और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।
'नस्ल और संस्कृति का अंतर न बने फूट की वजह'
ईरानी सुप्रीम लीडर ने स्पष्ट किया कि इस्लामी दुनिया में मौजूद विविधताओं को कमजोरी नहीं बनने देना चाहिए:
- विभाजनकारी ताकतों से सावधान: खामेनेई ने कहा कि नस्ल, संस्कृति, सामाजिक व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, राजनीति और भौगोलिक सीमाओं के अंतर का इस्तेमाल मुसलमानों के बीच फूट डालने के लिए नहीं होना चाहिए।
- विरोधी ताकतों की साजिश: उन्होंने चेतावनी दी कि इस्लाम विरोधी ताकतें इन आंतरिक मतभेदों का फायदा उठाकर मुस्लिम देशों को कमजोर करने और क्षेत्र में अपना वर्चस्व कायम करने की फिराक में रहती हैं।
साझा हितों और सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान
खामेनेई ने खाड़ी देशों के नेताओं से अपने आसपास की भू-राजनीतिक परिस्थितियों को गहराई से समझने और 'असली दुश्मन' को पहचानने का आग्रह किया:
- आपसी मदद और सुरक्षा: उन्होंने कहा कि नीतिगत मतभेदों के बावजूद संकट के समय मुस्लिम देशों को एक-दूसरे का सहारा बनना चाहिए और क्षेत्रीय सुरक्षा में सहयोग करना चाहिए।
- साझा हित प्राथमिकता: क्षेत्रीय राजनीति में लंबे समय से जारी खींचतान के बीच उन्होंने सलाह दी कि आपसी मतभेदों को तूल देने के बजाय साझा हितों और प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित करना वक्त की मांग है।
यह संदेश ऐसे समय में आया है जब पूरे पश्चिम एशिया में सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता का माहौल है और खाड़ी देशों व ईरान के संबंध क्षेत्रीय स्थिरता के दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील मोड़ पर हैं।





