दिल्ली: दिल्ली सरकार राजधानी के निवासियों के लिए एक एकीकृत 'फैमिली आईडी' (Family ID) प्रणाली लागू करने की योजना पर तेज़ी से काम कर रही है। प्रस्तावित 'दिल्ली परिवार पहचान एक्ट' के तहत एक केंद्रीय डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जाएगा, जिससे सरकारी योजनाओं और सार्वजनिक सेवाओं का लाभ सीधे व बिना प्रशासनिक बाधाओं के लोगों तक पहुंचाया जा सकेगा।

इस प्रणाली को सुगम और कानूनी रूप से मजबूत बनाने के लिए दिल्ली के अधिकारियों ने हरियाणा के 'परिवार पहचान पत्र' (PPP) मॉडल का गहन अध्ययन किया है। हालांकि, दिल्ली सरकार इस मॉडल को अपनी सामाजिक और कानूनी आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने की प्रक्रिया में है।

शादीशुदा महिलाओं के अधिकारों की होगी विशेष सुरक्षा

हरियाणा मॉडल के अध्ययन के दौरान अधिकारियों के सामने शादीशुदा महिलाओं के नाम दर्ज करने को लेकर एक प्रमुख प्रशासनिक चुनौती सामने आई। सामान्यतः विवाह के पश्चात महिला का नाम मायके के रिकॉर्ड से हटाकर ससुराल के फैमिली डेटाबेस में जोड़ दिया जाता है।

दिल्ली सरकार को चिंता है कि मायके के रिकॉर्ड से नाम पूरी तरह हटने पर भविष्य में महिलाओं को पिता की संपत्ति या विरासत से जुड़े कानूनी दावों को सिद्ध करने में प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। यद्यपि किसी फैमिली रिकॉर्ड से नाम हटने मात्र से कानूनी उत्तराधिकार समाप्त नहीं होता, लेकिन दस्तावेजी साक्ष्यों के अभाव में प्रक्रिया जटिल हो जाती है।

नया 'ड्यूल-लिंक' मॉडल लाने पर विचार

महिलाओं के मौजूदा कानूनी अधिकारों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े, इसके लिए सरकार एक अभिनव समाधान पर विचार कर रही है:

  • दोहरा जुड़ाव: विवाह के बाद महिला का नाम मायके के रिकॉर्ड से हटाया नहीं जाएगा, बल्कि उसे ससुराल के डेटाबेस से भी जोड़ दिया जाएगा।
  • सुविधाजनक लाभ: इस व्यवस्था से महिला अपने पति के परिवार से जुड़ी योजनाओं का लाभ ले सकेगी और मायके के साथ भी उसका प्रशासनिक रिकॉर्ड स्पष्ट रहेगा।
  • कानूनी सुगमता: संपत्ति या विरासत से जुड़े मामलों में पारिवारिक संबंधों को साबित करना आसान होगा।

फैमिली आईडी के प्रमुख लाभ और सुरक्षा प्रावधान

  • एकल दस्तावेज़ प्रणाली: विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए बार-बार अलग-अलग प्रमाण पत्र देने की झंझट समाप्त होगी।
  • पारदर्शिता और त्वरित वितरण: लक्षित परिवारों तक कल्याणकारी नीतियों की सीधी और पारदर्शी पहुंच सुनिश्चित होगी।
  • डेटा गोपनीयता: नागरिकों की निजी और संवेदनशील जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए कड़े साइबर सुरक्षा मानकों को लागू किया जाएगा।

फिलहाल 'दिल्ली परिवार पहचान एक्ट' का मसौदा तैयार करने और इसके प्रशासनिक, कानूनी व तकनीकी पहलुओं की समीक्षा का काम जारी है। सरकार का मुख्य उद्देश्य एक ऐसी व्यवस्था का निर्माण करना है जो प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाए और नागरिकों के अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा करे।