चंडीगढ़। सजा पूरी कर चुके बंदी सिखों की रिहाई और जेल में बंद जगतार सिंह हवारा की पैरोल समेत विभिन्न मांगों को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चे और विभिन्न सिख संगठनों द्वारा शुक्रवार (21 अगस्त) को दिए गए 'पंजाब बंद' के आह्वान का राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। प्रशासन और पुलिस बल किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए संवेदनशील इलाकों में हाई अलर्ट पर हैं।

प्रमुख मांगें और प्रदर्शन का कारण

  • बंदी सिखों की रिहाई: सजा पूरी कर चुके सिख कैदियों को तत्काल जेलों से रिहा किया जाए।
  • जगतार सिंह हवारा की पैरोल: जत्थेदार भाई जगतार सिंह हवारा को कम से कम 5 से 10 दिन की पैरोल दी जाए।
  • झूठे मामले रद्द करने की मांग: सांसद अमृतपाल सिंह खालसा समेत अन्य सिख नेताओं पर दर्ज मामलों को रद्द करने और 15 अगस्त की कार्रवाई के दौरान चंडीगढ़ में हिरासत में लिए गए लोगों की बिना शर्त रिहाई की मांग शामिल है।

विभिन्न शहरों में 'पंजाब बंद' का असर

  • अमृतसर: सुबह भंडारी पुल पर विभिन्न सिख संगठनों के कार्यकर्ता एकत्र हुए और नारेबाजी करने के बाद बाजारों को बंद करवाने के लिए निकले। सुरक्षा के लिहाज से शहर भर में भारी पुलिस बल तैनात है।
  • बठिंडा: बठिंडा में बाजार पूरी तरह से बंद नजर आए। हालांकि, रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन का असर नहीं पड़ा और ट्रेन सेवाएं निर्धारित समय पर संचालित होती रहीं।
  • कोटकपूरा: शहर के मुख्य बाजारों में दुकानें बंद रहीं, हालांकि सड़कों पर निजी वाहनों की आवाजाही जारी रही। पब्लिक ट्रांसपोर्ट बाधित होने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी।
  • लुधियाना एवं खन्ना: लुधियाना में बंद का आंशिक असर दिखा। कुछ निजी स्कूलों ने सुरक्षा के मद्देनजर छुट्टी घोषित की, जबकि सरकारी स्कूल और खन्ना क्षेत्र के बाजार सामान्य रूप से खुले रहे।
  • चंडीगढ़ व मोहाली: चंडीगढ़ की सीमाओं (जीरकपुर और मोहाली एंट्री पॉइंट) पर पुलिस की ओर से सख्त नाकाबंदी की गई है। चंडीगढ़ में जनजीवन पूरी तरह सामान्य रहा, जबकि मोहाली और जीरकपुर के सीमावर्ती इलाकों में दुकानें आंशिक रूप से बंद रहीं।

प्रशासन की व्यवस्था

सुरक्षा अपील: पुलिस और प्रशासन ने संवेदनशील स्थलों जैसे घंटाघर और चौड़ा बाजार में अतिरिक्त बल तैनात किया है। प्रशासन ने आम जनता से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।