नई दिल्ली / छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय वर्ल्ड लीडर्स फोरम में राज्य की तेजी से बदलती आर्थिक तस्वीर और भविष्य का विकास रोडमैप प्रस्तुत किया। फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन जैसी दिग्गज हस्तियों की मौजूदगी में उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ अब पारंपरिक खनिज पहचान से आगे बढ़कर एआई, स्टार्टअप, ग्रीन एनर्जी और अत्याधुनिक विनिर्माण की नई अर्थव्यवस्था का केंद्र बन रहा है।
मुख्यमंत्री ने वैश्विक निवेशकों को आमंत्रित करते हुए साझा किया कि राज्य की नई नीतियों के चलते छत्तीसगढ़ को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं।
भविष्य की अर्थव्यवस्था और एआई क्रांति के मुख्य बिंदु
- नवा रायपुर में एआई डेटा सेंटर पार्क: छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ रुपये के राज्य एआई मिशन के तहत नवा रायपुर में 1,000 करोड़ रुपये की लागत से एआई डेटा सेंटर पार्क विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही 100 एआई लैब्स, 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 300 से अधिक एआई स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया जाएगा।
- बड़ा मानव संसाधन प्रशिक्षण: राज्य के 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को एआई प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि 50 से अधिक नागरिक सेवाएं एआई-आधारित होंगी।
- 2030 तक 5,000 स्टार्टअप्स का लक्ष्य: युवाओं को 'जॉब सीकर' की जगह 'जॉब क्रिएटर' बनाने के लिए नए उद्यमियों को 10 लाख रुपये तक का सीड फंड दिया जा रहा है।
- तेज आर्थिक वृद्धि: वित्त वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था 6.31 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई है, जो 11.57 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर और 1,79,244 रुपये की प्रति व्यक्ति आय को दर्शाती है।
बस्तर बनेगा नई अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा स्थिति में सुधार के बाद बदलता बस्तर विकास का नया अध्याय लिख रहा है। बस्तर और आसपास के 10 लाख परिवारों की आजीविका सुधारने के लिए 4,824 करोड़ रुपये की योजना पर काम जारी है।
इसके अलावा, क्षेत्र में 421 बंद पड़े स्कूलों को दोबारा शुरू किया गया है और 34 लाख से अधिक लोगों का डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार हो चुका है। कनेक्टिविटी को गति देने के लिए 3,513 करोड़ रुपये की जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना बस्तर के व्यापार और पर्यटन को वैश्विक मानचित्र से जोड़ेगी।
उद्योगों को नौकरशाही के चक्कर से बचाने के लिए लागू ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026 के जरिए 8 विभागों की 43 सेवाओं में निर्धारित समय पर निर्णय न होने पर 'स्वतः अनुमति' (Deemed Approval) का प्रावधान किया गया है, जिससे राज्य के 15 लाख MSME को सीधा लाभ मिलेगा।





