छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ में आदिवासी अधिकारों और हितों को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस पर आदिवासी समाज का महज राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप मढ़ा है, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार को 'आदिवासी विरोधी' करार देते हुए अधिकार छीनने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
'कांग्रेस ने सिर्फ वोट बैंक माना, काम बीजेपी ने किया': CM विष्णुदेव साय
बलरामपुर रवाना होने से पूर्व मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस की नीयत और नीतियों पर सवाल उठाए:
- अलग मंत्रालय का गठन: CM साय ने याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जनजातीय समाज के विकास के लिए पहली बार पृथक 'जनजातीय कार्य मंत्रालय' का गठन किया था, जो काम कांग्रेस दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद नहीं कर सकी।
- सम्मान और 'पीएम जनमन': उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आदिवासी समाज का मान-सम्मान बढ़ा है। 'पीएम जनमन योजना' के जरिए विशेष पिछड़ी जनजातियों के गांवों तक सड़कें, राशन कार्ड और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
- जनता जागरूक: साय ने दावा किया कि आदिवासी समाज अब कांग्रेस के छलावे को पहचान चुका है और किसी मुगालते में आने वाला नहीं है।
'बीजेपी सरकार में छीने जा रहे आदिवासियों के अधिकार': भूपेश बघेल
दूसरी ओर, प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में आदिवासी समुदाय से जुड़े मुद्दों पर आयोजित बैठक से पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर पलटवार किया:
- योजनाएं बंद करने का आरोप: बघेल ने कहा कि वर्तमान सरकार में आदिवासी वर्ग के संवैधानिक अधिकारों को लगातार छीना जा रहा है और कांग्रेस शासन के दौरान शुरू की गई जनहितकारी योजनाओं को बंद कर दिया गया है।
- पूर्व सरकार के कार्य: उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में आदिवासी क्षेत्रों में मुफ्त शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं देने के साथ-साथ आदिवासियों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए थे, जिन पर अब विराम लगा दिया गया है।





