छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र में यूसीसी से संबंधित विधेयक पेश किया जाएगा। इस हेतु गठित उच्चस्तरीय समिति ड्राफ्ट को अंतिम रूप देने के कार्य में जुटी हुई है।
रायपुर में उच्चस्तरीय परिचयात्मक बैठक का आयोजन
यूसीसी का व्यावहारिक और सर्वमान्य मसौदा तैयार करने के लिए राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस स्थित कन्वेंशन हॉल में एक राज्य स्तरीय परिचयात्मक बैठक आयोजित की गई:
- विशेषज्ञों की भागीदारी: इस बैठक में विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 200 प्रबुद्ध नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और कानूनी विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया।
- व्यापक मंथन: बैठक का प्राथमिक उद्देश्य यूसीसी के संभावित कानूनी प्रावधानों, सामाजिक प्रभावों और व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श करना है।
- समावेशी दृष्टिकोण: राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के सभी वर्गों के हितों, सांस्कृतिक परंपराओं और अधिकारों का ध्यान रखकर एक संतुलित प्रारूप तैयार किया जाए।
चरणबद्ध परामर्श प्रक्रिया (Phased Consultation Strategy)
यूसीसी पर व्यापक सामाजिक सहमति बनाने के लिए सरकार चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही है:
- प्रारंभिक परिचयात्मक बैठक: कानूनी विशेषज्ञों और प्रबुद्ध नागरिकों के साथ प्रथम चरण का संवाद।
- समूहवार चर्चाएं: अगले चरणों में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, विधिक और सांस्कृतिक समूहों को आमंत्रित किया जाएगा।
- सुझाव समावेशन: समाज के सभी वर्गों से प्राप्त सुझावों और प्रतिक्रियाओं को अंतिम विधेयक ड्राफ्ट में शामिल किया जाएगा।





