संस्कारधानी जबलपुर स्थित आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड (व्हीकल फैक्ट्री) में T-सीरीज टैंक ओवरहॉल परियोजना का भव्य भूमि-पूजन एवं शिलान्यास संपन्न हुआ। रक्षाबंधन उत्सव से ठीक पहले आयोजित इस समारोह में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ₹475 करोड़ से अधिक की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का अनावरण किया।
कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण एवं भाषण के मुख्य बिंदु
- सेना की मजबूती और रोजगार: इस परियोजना से भारतीय सेना के टैंकों को अत्याधुनिक तकनीक से अपग्रेड किया जाएगा। साथ ही, जबलपुर डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभरेगा और स्थानीय युवाओं व एमएसएमई (MSME) सेक्टर को नए अवसर मिलेंगे।
- टैंक ओवरहॉल क्षमता में वृद्धि: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि इस नए प्रोजेक्ट के बाद देश की कुल टैंक ओवरहॉल क्षमता बढ़कर 230 टैंक प्रतिवर्ष हो जाएगी।
- मध्य प्रदेश का औद्योगिक व रक्षा विकास:
- विदेशी निर्यात: मध्य प्रदेश का विदेशी निर्यात ₹76,000 करोड़ से अधिक हो चुका है।
- डिफेंस व औद्योगिक निवेश: ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में डिफेंस सेक्टर मैन्युफैक्चरिंग में ₹16,000 करोड़ से अधिक का निवेश हुआ है। मालनपुर में ₹400 करोड़ के गोदरेज कारखाने का लोकार्पण किया गया।
- यूसीसी (UCC) पर विधेयक: सीएम ने उल्लेख किया कि मध्य प्रदेश विधानसभा ने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के लिए विधेयक पास किया है।
भारत के रक्षा क्षेत्र की प्रगति: 2014 बनाम वर्तमान (रक्षा मंत्री द्वारा प्रस्तुत आंकड़े)
| पैरामीटर | वर्ष 2014 | वर्तमान स्थिति | आगामी लक्ष्य (2030) |
| घरेलू रक्षा उत्पादन | ₹46,000 करोड़ | ₹1,80,000 करोड़ | निरंतर वृद्धि |
| रक्षा निर्यात (Defense Exports) | ₹1,000 करोड़ | ₹39,000 करोड़ | ₹50,000 करोड़ |
| सेना को मिले कुल टैंक | - | 4,004 टैंक | - |
| वार्षिक टैंक ओवरहॉल क्षमता | - | 230 टैंक प्रतिवर्ष | - |





