चमोली (उत्तराखंड):
उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित हाट सियासैण (पीपलकोटी) की टीएचडीसी निर्माणाधीन तपोवन विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना में हुए हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य पूरे जोर-शोर से जारी है। टनल में भूधंसाव के बाद मलबा और पानी भरने से फंसे कुल 28 लोगों में से अब तक 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। दुर्भाग्यवश, इस हादसे में अब तक 7 लोगों के शव बरामद हुए हैं, जबकि 3 लोग अभी भी लापता हैं जिनकी तलाश के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
टनल में 1.8 किलोमीटर अंदर हुआ भूधंसाव
जानकारी के अनुसार, विष्णुगाड-पीपलकोटी परियोजना की लगभग तीन किलोमीटर लंबी टीआरटी टनल (TRT Tunnel) के करीब 1.8 किलोमीटर हिस्से में अचानक भूधंसाव हो गया, जिससे भारी मात्रा में मलबा और पानी भर गया।
बचाव अभियान का मुख्य बिंदु: टनल के अंदर कुल 28 लोग फंसे हुए थे, जिनमें रात में राहत और बचाव के लिए अंदर गई कंपनी की 6 सदस्यीय टीम भी शामिल थी। कंपनी के ये 6 लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। रातभर चले कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद 19 लोगों को सकुशल बाहर निकाला जा चुका है।
घायलों का उपचार और मेडिकल निगरानी
रेस्क्यू किए गए सभी घायलों को तुरंत जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टरों की विशेष टीम उनके इलाज और स्वास्थ्य स्थिति पर चौबीसों घंटे निगरानी बनाए हुए है।
मोर्चे पर डटी हैं विशेषज्ञ टीमें
घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में चल रहा है। मलबे और पानी की स्थिति से निपटते हुए बचाव कार्य में निम्नलिखित एजेंसियां समन्वय के साथ जुटी हैं:
- NDRF (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल)
- SDRF (राज्य आपदा मोचन बल)
- ITBP (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस)
- स्थानीय पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ टीमें
जिलाधिकारी खुद संभाल रहे हैं कमान
चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार स्वयं घटनास्थल पर मौजूद हैं और पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रत्यक्ष निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों और तकनीकी टीमों को निर्देश दिए हैं कि:
- आधुनिक संसाधनों का उपयोग: शेष 3 लापता लोगों को जल्द से जल्द ढूंढने के लिए हर संभव तकनीकी सहायता ली जाए।
- सर्वोच्च प्राथमिकता: प्रशासन इस रेस्क्यू ऑपरेशन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हर व्यवस्था सुनिश्चित कर रहा है।
प्रशासन और रेस्क्यू टीमें टनल के भीतर फंसे अंतिम व्यक्ति तक पहुँचने के लिए पूरी सतर्कता और समर्पण के साथ जुटी हुई हैं।





