रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के हेमंत सोरेन सरकार के फैसले पर झारखंड हाईकोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद राज्य में राजनीतिक और छात्र आंदोलन गरमा गया है। 'JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच' के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार पर वादाखिलाफी और धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए आज (शुक्रवार) राज्य के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने का ऐलान किया है।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद बढ़ा छात्रों का आक्रोश
- अधिसूचना के अमल पर रोक: झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने 11वीं से 13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षाओं और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की नियुक्तियों को रद्द करने संबंधी सरकारी आदेश पर रोक लगा दी है। अदालत ने राज्य सरकार को 15 सितंबर तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
- बचाव में ढिलाई का आरोप: छात्र नेता कुणाल प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से न तो महाधिवक्ता उपस्थित हुए और न ही किसी वरिष्ठ अधिवक्ता ने पक्ष रखा। छात्रों का कहना है कि सरकार की यह ढिलाई साबित करती है कि परीक्षा रद्द करने का फैसला महज आंदोलन खत्म कराने की चाल थी।
- आंदोलन दोबारा शुरू करने की तैयारी: रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 26 दिनों तक चले प्रदर्शन के बाद छात्रों ने सरकार के आश्वासन पर आंदोलन दो महीने के लिए स्थगित किया था। मंच के नेता रवींद्र पासवान ने कहा कि सरकार की नीयत पर भरोसा करना उनकी भूल थी और अब वे अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेंगे।
प्रमुख छात्र नेताओं के रुख
| छात्र नेता / प्रतिनिधिमुख्य बयान और रुख | |
| कुणाल प्रताप सिंह (JPSC-JSSC मंच) | "अदालत में सरकारी वकीलों की चुप्पी से साफ है कि सरकार ने छात्रों को धोखा दिया। आज पूरे राज्य में CM का पुतला फूंका जाएगा।" |
| रवींद्र पासवान (JPSC-JSSC मंच) | "हमें लगा था कि सरकार धांधली पर सख्त है, लेकिन यह केवल विरोध दबाने का नाटक था।" |
| देवेंद्र नाथ महतो (JLKM) | "हम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं। हमारा आंदोलन अभ्यर्थियों के खिलाफ नहीं, बल्कि व्यवस्थागत भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ है।" |
भ्रष्टाचार से कोई समझौता नहीं
16 दिनों तक अनशन करने वाले झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्र नाथ महतो ने स्पष्ट किया कि योग्य अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा होनी चाहिए, लेकिन भर्ती प्रक्रियाओं में हुई धांधली और भ्रष्टाचार से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। राज्य भर में पुतला दहन के ऐलान को देखते हुए प्रशासन ने प्रमुख जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।





