रायपुर: केमिकल से नोट छापने के साइंस-फिक्शन जैसे दावों और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के 'डी-ग्रुप' के नाम का खौफ दिखाकर अरबों रुपये ऐंठने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का रायपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस की विशेष टीम ने महाराष्ट्र के पुणे स्थित खंडाला के एक लक्जरी रिसॉर्ट में छापेमारी कर 7 शातिर ठगों को धर दबोचा। आरोपियों के कब्जे से 4 करोड़ रुपये कैश और ठगी में प्रयुक्त केमिकल सामग्री बरामद की गई है।

ठगी का अनोखा और शातिर तरीका

  • केमिकल से नोट बनाने का दावा: गिरोह के सदस्य अमीर कारोबारियों को निशाना बनाते थे और खास तरह के केमिकल का इस्तेमाल कर नकली नोटों को असली में बदलने तथा पैसे कई गुना करने का दावा करते थे।
  • 'डी-ग्रुप' का खौफ: पीड़ितों पर दबाव बनाने और अपनी धाक जमाने के लिए आरोपी खुद को दाऊद इब्राहिम के गिरोह ('डी-ग्रुप') से जुड़ा बताते थे।
  • रायपुर के कारोबारी से 1.13 करोड़ की ठगी: इसी लालच और खौफ के जाल में फंसाकर आरोपियों ने रायपुर के एक कारोबारी से ₹1.13 करोड़ की ठगी की थी, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।

पुणे के रिसॉर्ट में सर्जिकल स्ट्राइक

शिकायत मिलने के बाद रायपुर पुलिस की टीम ने तकनीकी सर्विलांस के जरिए आरोपियों की लोकेशन पुणे के खंडाला में ट्रैक की। जब यह गिरोह एक लक्जरी रिसॉर्ट में किसी नए शिकार को जाल में फंसाकर करोड़ों की डील कर रहा था, ठीक उसी वक्त पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

2005 से सक्रिय था गिरोह

जांच में सामने आया है कि यह गिरोह साल 2005 से सक्रिय था और रायपुर के अलावा नोएडा, पुणे, बड़ौदा, उदयपुर और दिल्ली सहित कई राज्यों में 100 से ज्यादा लोगों से अरबों रुपये की ठगी कर चुका है। मामले में मुख्य सरगनाओं समेत अब तक कुल 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिन्हें ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया गया है।