नई दिल्ली:

राजधानी दिल्ली और उससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में मौसमी इन्फ्लूएंजा और H1N1 (स्वाइन फ्लू) के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। 20 अगस्त को दिल्ली में इन्फ्लूएंजा के 159 नए मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 114 मरीज H1N1 से संक्रमित पाए गए। बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने हेल्थ एडवाइजरी जारी कर लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।

दिल्ली-NCR में वायरल का व्यापक असर

सर्वेक्षण संस्था ‘लोकलसर्कल्स’ (LocalCircles) द्वारा 23 अगस्त को जारी एक सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं:

  • 54% घरों में असर: दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद के 54% घरों में कम से कम एक सदस्य फ्लू या वायरल बुखार से पीड़ित है।
  • तेजी से फैलता संक्रमण: सर्वे में शामिल 39% घरों में एक ही समय पर 2 या उससे अधिक लोग बीमार पाए गए, जो दर्शाता है कि घरों के भीतर संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
  • 23% घरों में गंभीर स्थिति: करीब 23 फीसदी घरों में 4 या उससे अधिक लोग फ्लू जैसे लक्षणों का सामना कर रहे हैं।

आंकड़ों में H1N1 का उछाल

विवरणआंकड़े
इस वर्ष कुल इन्फ्लूएंजा-A मामले2,392
इस वर्ष H1N1 के कुल मामले1,777
पिछले वर्ष इसी अवधि में H1N1 मामले229
मामलों में वृद्धिलगभग 8 गुना (800%)

नोट: आधिकारिक आंकड़ों में केवल लैब-परीक्षित मामले शामिल हैं, घर पर ठीक होने वाले मरीजों की संख्या इससे अधिक हो सकती है।

ICMR की राहत भरी खबर: 'कोई नया स्ट्रेन नहीं'

मामलों में उछाल के बीच इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने स्पष्ट किया है कि देश में H1N1 का कोई नया स्ट्रेन नहीं मिला है।

  • मौजूदा स्ट्रेन: वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में फैल रहा वायरस A/Missouri/11/2025 (H1N1) pdm09 जैसा ही है, जो 2025 से प्रचलन में है।
  • लक्षण: बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द, ठंड लगना और थकान।
  • सलाह: ICMR ने कहा कि यह ज्यादातर खुद-ब-खुद ठीक होने वाली बीमारी है। हालांकि, बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

सरकार की एडवाइजरी व बचाव के उपाय

दिल्ली स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से घबराने की जगह एहतियात बरतने को कहा है:

  • भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें या मास्क का प्रयोग करें।
  • हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखें और बार-बार हाथ धोएं।
  • लक्षण दिखने पर स्व-चिकित्सा (Self-medication) के बजाय डॉक्टर की सलाह लें।