नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इन्फ्लूएंजा और स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। मंगलवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बताया कि अस्पतालों में डॉक्टरों, बेड, आवश्यक दवाओं और मेडिकल उपकरणों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

इस साल अब तक 2,308 स्वाइन फ्लू के मामले स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार:

  • कुल मामले: दिल्ली में इस वर्ष इन्फ्लूएंजा के लगभग 3,000 मामले दर्ज किए गए हैं।
  • स्वाइन फ्लू (H1N1): इनमें से सर्वाधिक 2,308 मामले H1N1 (स्वाइन फ्लू) के हैं, जबकि शेष अन्य स्ट्रेन के हैं।

बिस्तर न मिलने पर अस्पतालों पर होगी सख्त कार्रवाई

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सभी प्रमुख अस्पतालों में विशेष 'आइसोलेशन वार्ड' बनाए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी मरीज को अस्पताल में बेड न मिलने की शिकायत आती है, तो संबंधित अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

ICMR की रिपोर्ट: 98% मामलों में H1N1 वेरिएंट

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने स्थिति पर स्पष्टता देते हुए बताया कि यह कोई नया वायरस या नया स्ट्रेन नहीं है। वर्तमान में इन्फ्लूएंजा-A के जो मामले सामने आ रहे हैं, उनमें 97 से 98 प्रतिशत हिस्सेदारी H1N1 वेरिएंट की ही है।

स्वास्थ्य विभाग, एमसीडी (MCD), एनडीएमसी (NDMC) और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य की तैयारियों की जानकारी दी:

  • नियंत्रण में स्थिति: स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि दिल्ली के अस्पतालों में डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ, दवाओं और आवश्यक उपकरणों का पूरा स्टॉक मौजूद है।
  • अस्पतालों को सख्त निर्देश: सभी अस्पतालों में विशेष ‘आइसोलेशन वार्ड’ तैयार किए गए हैं। मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि किसी मरीज को बेड न मिलने की शिकायत आती है, तो संबंधित अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी और लक्षण

स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द और बदन दर्द शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द या लगातार तेज बुखार रहने पर मरीज तुरंत नजदीकी डॉक्टर से परामर्श लें।