दिल्ली: दिल्ली सरकार ने महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता और सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' की शुरुआत कर दी है। योजना के तहत सभी पात्र लाभार्थी महिलाओं के खातों में 1 सितंबर से प्रति माह 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता राशि आनी शुरू हो जाएगी। बुधवार को तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 65 महिलाओं को मंच पर बुलाकर स्वीकृति पत्र सौंपे।

1 अगस्त से शुरू हुई थी पंजीकरण प्रक्रिया

इस योजना के लिए 1 अगस्त से पंजीकरण की शुरुआत की गई थी, जिसके तहत अब तक 9.22 लाख से अधिक महिलाओं ने अपना आवेदन दर्ज कराया है। प्राथमिक सत्यापन के बाद फिलहाल 4,190 पात्र लाभार्थियों के स्वीकृति पत्र जारी किए जा चुके हैं।

राशि प्राप्त करने के 2 पारदर्शी विकल्प

महिलाओं के वर्तमान खर्चों और भविष्य की बचत दोनों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने राशि भुगतान के दो विकल्प दिए हैं:

  1. विकल्प A: 1,000 रुपये प्रति माह 'सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी' (CBDC) वॉलेट में और शेष 1,500 रुपये RD/FD (बचत) के रूप में जमा होंगे।
  2. विकल्प B: यदि लाभार्थी चाहे तो पूरे 2,500 रुपये प्रति माह सीधे RD/FD में जमा करा सकती हैं।

महिला सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकता

  • मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार के केंद्र में महिलाएं और बेटियां हैं। सरकार ने 'दिल्ली लखपति बिटिया योजना', 'विद्या वाहिनी', 'पालना योजना', 'पिंक कार्ड', 'अन्नमोल योजना' और 'मुफ्त एलपीजी सिलिंडर' जैसी कई योजनाएं शुरू की हैं।
  • उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं को 'गृह लक्ष्मी' माना गया है और यह योजना उनके सम्मान व वित्तीय स्वावलंबन को मजबूत करेगी।
  • केंद्रीय राज्यमंत्री व दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कार्यक्रम में कहा कि यह योजना 'मोदी की गारंटी' यानी काम पूरा होने की गारंटी का जीता-जागता प्रमाण है।