राष्ट्रीय: देश भर में इन्फ्लूएंजा और स्वाइन फ्लू (H1N1) का संक्रमण अत्यधिक तेजी से पांव पसार रहा है। बदलते मौसम के साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों से भारी संख्या में मरीज खांसी, तेज बुखार, गले में खराश और शरीर में दर्द की शिकायत लेकर अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। स्वाइन फ्लू के बढ़ते कहर की चपेट में अब आम जनता के साथ-साथ दिग्गज राजनेता भी आने लगे हैं। राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा H1N1 से संक्रमित पाए गए हैं, जिसके बाद उनकी बिगड़ती हालत को देखते हुए मंगलवार देर रात सवाई मान सिंह अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया।

डॉक्टरों के अनुसार, किरोड़ी लाल मीणा ने कुछ दिन पहले स्वाइन फ्लू की जांच कराई थी, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें तुरंत चिकित्सकीय निगरानी में लिया गया। SMS मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने बताया कि मंत्री का इलाज निर्धारित 'स्वाइन फ्लू प्रोटोकॉल' के तहत किया जा रहा है। मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. महेंद्र अग्रवाल की अध्यक्षता में डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए है। संक्रमण के खतरे को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें परिजनों और बाहरी लोगों से मिलने से पूरी तरह मना किया है।

विभिन्न राज्यों की स्थिति: दिल्ली-NCR में मामलों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

  • दिल्ली-NCR: राष्ट्रीय राजधानी में H1N1 का प्रकोप सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। दिल्ली में अब तक 2,300 से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जो पिछले साल (229 केस) की तुलना में करीब 8 गुना अधिक हैं। वहीं नोएडा में भी मरीजों का आंकड़ा 100 के पार पहुंच गया है।
  • केरल व कर्नाटक: केरल में इस साल इन्फ्लूएंजा के 7,400 से ज्यादा मामले और कुछ मौतें दर्ज की गई हैं। कर्नाटक में जनवरी से अब तक 4,000 से अधिक मरीज सामने आए हैं, हालांकि राहत की बात यह है कि इनमें से अधिकांश पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं।
  • महाराष्ट्र व अन्य राज्य: महाराष्ट्र में 300 से अधिक मामले सामने आए हैं, जबकि गुजरात, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश में भी संक्रमण तेजी से फैल रहा है।

ICMR के अनुसार, हालांकि पिछले दो सप्ताह में कुछ क्षेत्रों में नए मामलों की दर में हल्की गिरावट देखी गई है, लेकिन जोखिम अभी पूरी तरह टला नहीं है।

एडवाइजरी: रोकथाम और बचाव के लिए रखें इन बातों का ध्यान

स्थिति को देखते हुए दिल्ली सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने विस्तृत स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है। डॉक्टरों का कहना है कि बुजुर्गों और पहले से गंभीर बीमारी (High Risk) से पीड़ित मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

  • मास्क और स्वच्छता: भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क अवश्य पहनें। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रुमाल या कोहनी से ढकें।
  • हाथों की सफाई: हाथों को बार-बार साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं या सैनिटाइज़र का उपयोग करें।
  • बचाव के अन्य उपाय: अकारण अपनी आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचें। सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से परहेज करें और शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए प्रचुर मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें।
  • दूरी बनाएं: सांस से जुड़ी बीमारी के लक्षण वाले व्यक्तियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

यदि आपको तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ या खांसी जैसे लक्षण महसूस हों, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत नजदीकी चिकित्सक से परामर्श लें।