नई दिल्ली। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने पैक्ड फूड प्रोडक्ट्स में ज़्यादा चीनी, नमक और सैचुरेटेड फैट की उपस्थिति को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। FSSAI ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर पैकेज्ड फूड पर लाल रंग का छह-कोने वाला (Red Hexagon) चेतावनी लेबल लगाने का प्रस्ताव दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को खरीदारी के दौरान ही पोषण संबंधी जानकारी आसानी से उपलब्ध कराना है।

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद कार्रवाई

यह हलफनामा सुप्रीम कोर्ट में दायर एक जनहित याचिका के जवाब में पेश किया गया। इससे पहले जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच ने फ्रंट-ऑफ-पैक (FoP) चेतावनी लेबल न लगाने पर FSSAI और केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी। अदालत ने सवाल उठाया था कि क्या नियामक संस्थाएं बच्चों और नागरिकों को अस्वस्थ खाद्य पदार्थों के खतरों से बचाने के प्रति गंभीर नहीं हैं?

कैसा होगा नया चेतावनी सिस्टम?

FSSAI के छह पन्नों के प्रस्ताव के अनुसार चेतावनी सिस्टम की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • तस्वीर और स्पष्टता: चेतावनी लेबल लाल रंग का छह-कोने वाला (Hexagonal) होगा, जो फ्रंट-ऑफ-पैक पर प्रमुखता से दिखेगा।
  • बड़ा फ़ॉन्ट साइज़: चेतावनी का फ़ॉन्ट साइज़ पैकेट के पीछे दी जाने वाली न्यूट्रिशन टेबल के फ़ॉन्ट से कम से कम एक पॉइंट बड़ा होगा।
  • स्पष्ट संदेश: लेबल पर उत्पाद के अनुसार 'ज़्यादा फ़ैट', 'ज़्यादा चीनी', 'ज़्यादा नमक' या 'बहुत ज़्यादा मीठा पेय' जैसे स्पष्ट संदेश लिखे होंगे।
  • ICMR के मानक: सीमाएं ICMR-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ न्यूट्रिशन (NIN) के 2024 के आहार संबंधी दिशानिर्देशों पर आधारित होंगी।

दो चरणों में लागू करने की योजना

खाद्य सुरक्षा नियामक ने फ़ूड इंडस्ट्री को फ़ॉर्मूला बदलने का समय देने और उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए इसे दो चरणों में लागू करने का सुझाव दिया है:

  1. पहला चरण: इसमें वे उत्पाद शामिल होंगे जिनमें तय सीमा से अधिक मात्रा में दो या दो से अधिक पोषक तत्व (चीनी, नमक या फैट) हों, साथ ही कुछ खास मीठे पेय पदार्थ।
  2. दूसरे चरण: यह नियम उन सभी उत्पादों पर भी लागू होगा जिनमें तय सीमा से अधिक कोई भी एक पोषक तत्व होगा।

किन उत्पादों को मिलेगी छूट?

यह नया फ्रंट-ऑफ-पैक (FoP) नियम उन सिंगल-इन्ग्रेडिएंट उत्पादों या प्राकृतिक खाद्य पदार्थों पर लागू नहीं होगा जिनमें प्राकृतिक रूप से फैट, चीनी या नमक होता है। उदाहरण के लिए घी, खाने का तेल, नमक, चीनी, गुड़ और शहद जैसे उत्पादों को इस विशेष चेतावनी लेबल से छूट दी जाएगी, हालांकि इन पर सामान्य लेबलिंग नियम लागू रहेंगे।