उज्बेकिस्तान: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान भारत और उज्बेकिस्तान के रिश्तों को नई ऊंचाई मिली है। राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ हुई उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता के बाद उज्बेकिस्तान ने पीएम मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मान से नवाजा। इस दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को आगे बढ़ाते हुए ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ (Comprehensive Strategic Partnership) के स्तर पर ले जाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया।

रणनीतिक साझेदारी के 15 साल और आजादी का जश्न

वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने उज्बेकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस की 35वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रपति और वहां की जनता को शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान की रणनीतिक साझेदारी के 15वें वर्ष में संबंधों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' में बदलना एक सुखद संयोग है और अब दोनों देश इस नए ढांचे के तहत ठोस लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ेंगे।

द्विपक्षीय संबंधों के मुख्य बिंदु:

  • भारतीयों के लिए 30 दिन का वीजा-मुक्त प्रवेश: राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने भारतीय नागरिकों के लिए 30-दिवसीय वीजा-मुक्त (Visa-Free) व्यवस्था शुरू करने की घोषणा की, जिससे पर्यटन, व्यापार और जन-संपर्क को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
  • व्यापार में रिकॉर्ड उछाल: दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार पहली बार $1 अरब डॉलर (1 Billion USD) के आंकड़े को पार कर गया है। वहीं, हाल के वर्षों में संयुक्त उद्यमों (Joint Ventures) की संख्या में 7 गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
  • बेहतर कनेक्टिविटी: भारत और उज्बेकिस्तान के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करते हुए अब हर सप्ताह 14 सीधी उड़ानें संचालित की जा रही हैं।

सांस्कृतिक जुड़ाव और योग की लोकप्रियता

उज्बेक राष्ट्रपति ने भारत के साथ सांस्कृतिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि ताशकंद स्थित 'लाल बहादुर शास्त्री सेंटर' और 'महात्मा गांधी सेंटर' दोनों देशों के मानवीय संबंधों को लगातार मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उज्बेकिस्तान में योग का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है—वहां 2018 से एक समर्पित योग महासंघ कार्यरत है और हाल ही में पूरे देश में एक राष्ट्रव्यापी योग महोत्सव का आयोजन भी किया गया था।