पटना/आरा:

भोजपुर जिले के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में जांच आयोग द्वारा अंतरिम रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद बिहार सरकार ने पीड़ित परिवार के हित में बड़ा फैसला लिया है। राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) के जरिए घोषणा की है कि जांच आयोग की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर दिवंगत भरत तिवारी के परिवार को वित्तीय सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व 24 जुलाई को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच और त्वरित न्याय का भरोसा दिलाया था।

मामले में पुलिसकर्मी गिरफ्तार

इस बीच मामले की जांच में तेजी लाते हुए पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। आरा के पुलिस अधीक्षक (SP) राज के अनुसार, 31 जुलाई को आरा पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल आरोपी पुलिसकर्मी अक्षय को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया और आगे की जांच जारी है।

क्या है पूरा मामला?

यह घटना 17 जून 2026 की है, जब भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में एक पुलिस ऑपरेशन के दौरान भरत भूषण तिवारी की गोली लगने से मौत हो गई थी।

  • पुलिस का पक्ष: पुलिस का दावा था कि भरत तिवारी ने अवैध हथियार से पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके बाद पुलिस को आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।
  • परिवार का आरोप: दिवंगत के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस के दावों को खारिज करते हुए इसे एक फर्जी एनकाउंटर (Fake Encounter) करार दिया था और निष्पक्ष जांच की मांग की थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित किए गए जांच आयोग की अंतरिम रिपोर्ट आने के बाद अब सरकार ने पीड़ित परिवार को राहत देने और दोषियों पर कानूनी शिकंजा कसने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।