रांची: झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान छात्र आंदोलन और राजनीतिक सरगर्मियों के बीच जमकर हंगामा देखने को मिला। सदन में भाजपा विधायक सीपी सिंह द्वारा नोट लहराए जाने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। सीएम सोरेन ने कहा कि विपक्ष के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है और वे लोकतंत्र को नोटों की बदौलत खरीदने की कोशिश कर रहे हैं।

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध कवि और बीएचयू के पूर्व प्रोफेसर हूबनाथ पाण्डेय की चर्चित व्यंग्यात्मक कविता 'गिरो! गिरो! इतना गिरो कि...' सुनाकर विपक्षी दल पर करारा तंज कसा।

सीएम सोरेन द्वारा सुनाई गई 'गिरो!' कविता के प्रमुख अंश

"गिरो! गिरो! अभी और गिरने की संभावनाएं भरपूर हैं!
इतना गिरो कि गुरुत्वाकर्षण बल भी शर्म के मारे गिर पड़े!
पर अकेले मत गिरो, रुपए के साथ गिरो! चरित्र के साथ गिरो!
साहस के साथ गिरो, बेशर्मी के साथ गिरो!
किसी एक ही मामले में सही, तुम्हें विश्व गुरु होने से कोई रोक नहीं सकती..."

विपक्ष पर साधा निशाना, विधायकों की जेब चेकिंग की मांग

कविता सुनाने से पूर्व मुख्यमंत्री सोरेन ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल 'परजीवी' की तरह व्यवहार कर रहे हैं और छात्रों के आंदोलन की आड़ लेकर राज्य में भ्रम फैला रहे हैं।

  • जेब और घरों में छापे की मांग: सीएम ने विधानसभा अध्यक्ष से मांग की कि विपक्ष के सदस्यों की जेबों की जांच की जाए, क्योंकि सभी के पास नोटों की गड्डियां मिलेंगी।
  • पारदर्शी परीक्षाओं का आश्वासन: छात्र आंदोलन पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए IIT, IIM और XLRI जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से सलाह ली जाएगी।
  • धैर्य की सराहना: उन्होंने संवेदनशील परिस्थितियों में छात्रों और पुलिस-प्रशासन द्वारा दिखाए गए धैर्य की सराहना की और कहा कि 'गेरुआ वस्त्र पहनकर ढोंग करने वाले' अब छात्रों का चोला ओढ़कर राजनीति कर रहे हैं।

कौन हैं कवि हूबनाथ पाण्डेय?

वाराणसी में जन्मे प्रोफेसर हूबनाथ पाण्डेय हिंदी साहित्य के वरिष्ठ आलोचक, लेखक और कवि हैं। वे बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के हिंदी विभाग के अध्यक्ष और प्रोफेसर रह चुके हैं। उनकी रचनाओं में सामाजिक-सांस्कृतिक यथार्थ, आम जनजीवन के संघर्ष और तीखे व्यंग्य की झलक मिलती है। साहित्यिक योगदान के लिए उन्हें कई राष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।