महाराष्ट्र का नासिक और आसपास का इलाका पिछले कुछ हफ्तों से लगातार हो रही भूकंपीय गतिविधियों (Seismic Activity) का केंद्र बना हुआ है। सोमवार को नासिक जिले के पेठ, सुरगाणा और डिंडोरी तालुका में सुबह 5:06 बजे (2.5 तीव्रता) और दोपहर 12:40 बजे (3.0 तीव्रता) भूकंप के दो हल्के झटके दर्ज किए गए। हालांकि, इस घटना में किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।

लगातार आ रहे इन झटकों को भूवैज्ञानिक और सीस्मोलॉजिस्ट ‘अर्थक्वेक स्वार्म’ (Earthquake Swarm) का नाम दे रहे हैं।

एक नज़र: नासिक में हालिया भूकंपीय गतिविधियां

मानक / विवरणआंकड़े व जानकारी
कुल झटके (1 महीना)25 से अधिक बार
तीव्रता की सीमा2.0 से 4.3 की तीव्रता
केंद्र की गहराईजमीन से 5 से 8 किलोमीटर नीचे
सबसे तेज झटका8 अगस्त 2026 (तीव्रता 4.3, गहराई 5 किमी)
प्रभावित क्षेत्रनासिक (पेठ, सुरगाणा, डिंडोरी) और पालघर जिला
नुकसानसुरगाणा व डिंडोरी के कुछ गांवों के घरों की दीवारों में दरारें

क्या होता है 'अर्थक्वेक स्वार्म' (Earthquake Swarm)?

आम तौर पर जब कोई बहुत बड़ा मुख्य भूकंप (Mainshock) आता है, तो उसके बाद छोटे-छोटे झटके महसूस होते हैं, जिन्हें 'आफ्टरशॉक' कहा जाता है।

लेकिन अर्थक्वेक स्वार्म की स्थिति इससे बिल्कुल अलग होती है:

  • इसमें बिना किसी एक मुख्य बड़े भूकंप के, किसी निश्चित क्षेत्र में एक ही समय सीमा के भीतर लगातार कई छोटे और मध्यम तीव्रता के भूकंप आते हैं।
  • इसमें झटकों की एक सतत शृंखला बनती है जो थोड़े-थोड़े समय के अंतराल पर दोहराई जाती है।

क्या यह किसी बड़ी तबाही या आपदा का संकेत है?

वैज्ञानिकों के अनुसार, अर्थक्वेक स्वार्म का मतलब यह कतई नहीं है कि इसके बाद अनिवार्य रूप से कोई विनाशकारी भूकंप आएगा। अधिकांश मामलों में यह भूगर्भीय तनाव (Geological Stress) के धीरे-धीरे मुक्त होने की एक प्राकृतिक प्रक्रिया होती है। हालांकि, सतर्कता बरतनी अत्यंत आवश्यक है।

प्रशासन की तैयारी और निर्देश:

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रशासन को नासिक और पालघर जिलों में व्यापक सीस्मिक असेसमेंट (भूकंपीय आकलन) कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, स्थानीय नागरिकों और खासकर स्कूल-कॉलेज के छात्रों के बीच जागरूकता एवं सुरक्षा अभियानों को तेज करने के आदेश जारी किए गए हैं।